इलाज नही पहले बीमारियों की जड़ खत्म करें सरकार

कूड़े के ढेर,जाम नाले और टूटी-फूटी सड़कें बन रही बीमारियों की वजह

भारतीय मानवाधिकार महासंघ ने कहा – सफाई तो जनता भी स्वस्थ रहेंगी और सरकार का खजाना भी सुरक्षित रहेगा

पंजाब में जगह-जगह सरकार द्वारा हर परिवार को 10 लाख रुपए तक इलाज देने वाले विज्ञापन लगाएं जा रहें है यह योजना जनता के स्वास्थ्य दूसरी तरफ़ शाहरो और कस्बों की हालत लगातार ख़राब होती दिखाई दे रही है भारतीय मानवाधिकार महासंघ ने शासन प्रशासन को ध्यान शहरों की बिगड़ती सफाई व्यवस्था की और खींचते हुए कहा कि अगर बीमारियों की असली वजह खत्म कर दी जाएं तो लोगों को अस्पतालो की जरूरत कम पड़ेगी
भारतीय मानवाधिकार महासंघ के पदाधिकारियों ने कहा कि कई इलाकों में कूड़े के बड़े-बड़े ढ़ेर लगें हुए हैं नालियां महिनों से जाम पड़ी है गन्दे नालों से बदबू फैल रही है और सड़कों की हालत इतनी ख़राब है कि लोगों का चलना मुश्किल हो गया है बरसात के मौसम मे हालात और भी गंभीर हो जातें हैं क्योंकि गन्दा पानी, गलियों और बाजारों में भी भर जाता है जिससे डेंगू मलेरिया और अन्य बीमारियों का ख़तरा बढ़ जाता है
भारतीय मानवाधिकार महासंघ के पदाधिकारियों ने कहा कि सरकार इलाज पर करोड़ों रुपए खर्च करने की बात करती है लेकिन यदि यही ध्यान सफाई व्यवस्था, सीवरेज सिस्टम, कुंडा प्रबंधन और टूटी-फूटी सड़कें मरम्मत पर दिया जाए तो बीमारियां काफी हद तक कम हो सकती है स्वस्थ ही सबसे बड़ा बड़ा इलाज़ है
महासंघ के पदाधिकारियों ने कहा कि शहरों और गांवों में सफाई कर्मचारियों को जिम्मेदारी तय होनी चाहिए नियमित रूप मे कूड़ा उठाया जाना चाहिए और जाम नालियां की तुरंत सफाई करवाई जानी चाहिए लोगों को साफ़ पानी, साफ सड़कें और स्वच्छ वातावरण मिलेगा तो अस्पतालों में भीड़ अपने आप कम हो जाएगी
भारतीय मानवाधिकार महासंघ के पदाधिकारियों ने चेतावनी देते हुए कहा कि यदि जल्द ही सफाई व्यवस्था और मूलभूत सुविधाओं की तरफ़ ध्यान नही दिया गया तो जनता के हित मे संघर्ष की तरफ ध्यान नहीं दिया गया है तो जनता के हित में संघर्ष और आवाज़ बुलंद की जाएगी जनता टैक्स देते है और बदले में उन्हें साफ-सुथरा और सुरक्षित वातावरण मिलना उसका अधिकार है

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