
राजनांदगांव-राजनांदगांव जिले के नवीन तहसील कुमर्दा अंतर्गत ग्राम गोटाटोला में लंबे समय से अवैध ईंट भट्टा संचालन के आरोप सामने आए हैं। ग्रामीणों का कहना है कि बाहरी लोगों द्वारा गांव में वर्षों से ईंट निर्माण का कार्य किया जा रहा है, जिससे न केवल पर्यावरण प्रभावित हो रहा है बल्कि नियमों की भी अनदेखी की जा रही है।स्थानीय लोगों के अनुसार, हर वर्ष लाखों की संख्या में ईंटों का निर्माण कर उन्हें आसपास के क्षेत्रों में बेचा जाता है। आरोप है कि भट्टे में ईंट पकाने के लिए कोयले के साथ-साथ वन क्षेत्र से अवैध रूप से लाई गई इमारती लकड़ी का भी उपयोग किया जा रहा है, जिससे वन संपदा को नुकसान पहुंच रहा है।ग्रामीणों ने यह भी सवाल उठाया है कि इतने बड़े स्तर पर चल रहे इस अवैध कारोबार पर अब तक किसी जिम्मेदार विभाग की नजर क्यों नहीं पड़ी, या फिर कार्रवाई के बावजूद ठोस कदम क्यों नहीं उठाए गए।हालांकि इन आरोपों की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है, लेकिन ग्रामीणों ने प्रशासन से मामले की जांच कर अवैध भट्टे पर कार्रवाई करने की मांग की है। साथ ही पर्यावरण संरक्षण और वन संसाधनों के दुरुपयोग को रोकने के लिए सख्त निगरानी की आवश्यकता बताई है। इस मामले ने प्रशासनिक निगरानी और जवाबदेही पर एक बार फिर सवाल खड़े कर दिए हैं।
:-𝗥𝗮𝗷𝗲𝘀𝗵 𝗦𝗼𝗻𝗶
