“जल संरक्षण और हरित विकास की दिशा में बड़ा कदम” — कैबिनेट मंत्री विपुल गोयल
फरीदाबाद। ग्राम बुढेना स्थित हनुमान मंदिर परिसर में ₹1.30 करोड़ की लागत से निर्मित तालाब (पॉन्ड) के नवनिर्माण एवं सौंदर्यीकरण कार्य का लोकार्पण कैबिनेट मंत्री विपुल गोयल द्वारा किया गया। इस अवसर पर क्षेत्रवासियों में उत्साह और विकास को लेकर सकारात्मक माहौल देखने को मिला।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कैबिनेट मंत्री विपुल गोयल ने कहा कि तालाबों का संरक्षण केवल पर्यावरण से जुड़ा विषय नहीं, बल्कि हमारी संस्कृति, सामाजिक जिम्मेदारी और आने वाली पीढ़ियों के भविष्य से भी जुड़ा हुआ है। उन्होंने कहा कि जल स्रोतों को स्वच्छ और सुरक्षित रखना हम सभी का सामूहिक कर्तव्य है।
उन्होंने कहा कि यह परियोजना जल संरक्षण, पर्यावरण संतुलन और ग्रामीण सौंदर्यीकरण की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल साबित होगी। तालाब के पुनर्निर्माण से भू-जल स्तर सुधारने में मदद मिलेगी, साथ ही क्षेत्र में हरियाली बढ़ेगी और स्थानीय पारिस्थितिकी तंत्र को मजबूती मिलेगी।
मंत्री विपुल गोयल ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा विश्व पर्यावरण दिवस पर शुरू की गई ‘एक पेड़ माँ के नाम’ मुहिम का उल्लेख करते हुए लोगों से अधिक से अधिक वृक्षारोपण करने की अपील की। उन्होंने कहा कि यह अभियान प्रकृति के प्रति संवेदनशीलता और जिम्मेदारी का प्रतीक है।
अपने संबोधन में उन्होंने कहा कि एक समय फरीदाबाद को केवल औद्योगिक शहर के रूप में देखा जाता था, लेकिन आज जनसहयोग और सरकार की नीतियों के चलते यह शहर तेजी से हरित और स्वच्छ शहर के रूप में उभर रहा है। उन्होंने विश्वास जताया कि आने वाले समय में फरीदाबाद पर्यावरण संरक्षण के क्षेत्र में भी एक आदर्श मॉडल बनेगा।
इस अवसर पर बड़ी संख्या में गणमान्य नागरिक, स्थानीय जनप्रतिनिधि और ग्रामवासी मौजूद रहे। उपस्थित लोगों ने इस पहल को क्षेत्र के विकास और पर्यावरण संरक्षण की दिशा में सराहनीय कदम बताया।
कार्यक्रम में पार्षद सचिन शर्मा, पार्षद ज्योति सिलानी, मुकेश अग्रवाल, बिजेंद्र जी, सुभाष आहूजा, बाबू राम, कुलदीप साहू, मेमचंद चांदिला, अरुण चांदिला, वीरेंद्र पंडित, सोनू शर्मा, परवीन चांदिला, तृप्ति माला, मनीष राघव, सुभाष चांदिला, प्रिंस चांदिला, बसीर खान, रोहित प्रधान, नजर मोहम्मद, रमेश जांगड़ा, बंसी लाल, विनोद प्रधान, रमेश अढाना, नीतू पांडेय और पूनम शर्मा सहित अनेक गणमान्य लोग उपस्थित रहे।





फरीदाबाद, हरियाणा।
मोहित सक्सेना।
