महामंडलेश्वर आचार्य कौशल्या नंदगिरी टीना माँ के निर्णय से किन्नर समाज को नई दिशा, किरन नंदगिरी को मिला अहम दायित्व
प्रयागराज। उत्तर प्रदेश के पवित्र त्रिवेणी संगम तट पर सनातनी किन्नर अखाड़े की एक महत्वपूर्ण बैठक आचार्य महामंडलेश्वर स्वामी कौशल्या नंदगिरी (टीना माँ) की अध्यक्षता में संपन्न हुई। इस बैठक में किन्नर समाज के उत्थान, संगठन की मजबूती और सनातन धर्म के प्रचार-प्रसार को लेकर अहम निर्णय लिए गए। बैठक के दौरान आचार्य महामंडलेश्वर स्वामी कौशल्या नंदगिरी ने एक महत्वपूर्ण घोषणा करते हुए सोनभद्र जनपद के दूधी क्षेत्र की किरन किन्नर को सनातनी किन्नर अखाड़े का महामंडलेश्वर नियुक्त किया। नियुक्ति के साथ ही उन्हें नया नाम “किरन नंदगिरी” प्रदान किया गया। यह निर्णय संगठन के विस्तार और किन्नर समाज को सशक्त बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम माना जा रहा है। स्वामी कौशल्या नंदगिरी ने कहा कि यह नियुक्ति किन्नर समाज के सम्मान और सनातन धर्म की मजबूती के लिए मील का पत्थर साबित होगी। उन्होंने किरन नंदगिरी के उज्ज्वल भविष्य की कामना करते हुए विश्वास जताया कि वे अपने दायित्वों का निर्वहन पूरी निष्ठा और समर्पण के साथ करेंगी। इस अवसर पर विश्व हिंदू महासंघ उत्तर प्रदेश किन्नर प्रकोष्ठ की जिला महामंत्री सोनभद्र राधा किन्नर, किन्नर प्रकोष्ठ की जिला उपाध्यक्ष सोनभद्र पूजा किन्नर, काजल किन्नर,अन्नू किन्नर,लाडो किन्नर,सरस्वती किन्नर तथा महामंडलेश्वर चांदनी नंदगिरी सहित कई गणमान्य लोग उपस्थित रहे। सभी ने नव नियुक्त महामंडलेश्वर को बधाई देते हुए संगठन को और मजबूत बनाने का संकल्प लिया।

