एलन क्लब सब्जी मंडी समेत कुतुबखाना और श्यामगंज सब्जी मंडी के ठेके निरस्त कर नगर निगम द्वारा निर्धारित शुल्क की वसूली कराए जाने की मांग उठी है। सब्जी विक्रेता ललित किशोर , तेजपाल
की ओर से मुख्यमंत्री और जनपद के जनप्रतिनिधियों से इस मामले में हस्तक्षेप करने की अपील की गई है।
दिए गए पत्र के अनुसार स्मार्ट सिटी परियोजना के तहत एलन क्लब सब्जी मंडी का निर्माण करीब 1.40 करोड़ रुपये की लागत से कराया गया था। मंडी का ठेका वर्ष 2019-20 में 18 लाख रुपये, 2020-21 में 36 लाख रुपये, 2021-22 में 57.50 लाख रुपये और 2022-23 में करीब 80 लाख रुपये में दिए जाने का उल्लेख किया गया है। वर्ष 2024-25 में भी ठेका करीब 80 लाख रुपये का बताया गया है, जिस पर 18 प्रतिशत जीएसटी अलग होने की बात कही गई है।
सब्जी विक्रेताओं का कहना है कि वर्ष 2019-20 में जहां प्रतिदिन करीब 30 रुपये की वसूली से व्यवस्था शुरू हुई थी, वहीं ठेका व्यवस्था जारी रहने पर यह राशि बढ़कर करीब 200 रुपये प्रतिदिन तक पहुंचने की आशंका है। उनका कहना है कि छोटे किसान और सब्जी विक्रेता पहले ही सीमित आमदनी में कारोबार करते हैं, ऐसे में बढ़ा हुआ शुल्क उनके लिए अतिरिक्त आर्थिक बोझ बनेगा।
पत्र में यह भी कहा गया है कि पूर्व में रात सात बजे के बाद मंडी में असामाजिक और आपराधिक तत्वों के जमावड़े तथा दुकानदारों की सब्जी चोरी होने की शिकायतें रहती थीं। साथ ही सब्जी विक्रेताओं से कथित अवैध वसूली की बात भी कही गई है। विक्रेताओं के अनुसार वर्तमान में नगर निगम कर्मचारियों द्वारा तहबाजारी (उपयोग शुल्क) की वसूली की जा रही है और इससे मंडी में इस प्रकार की समस्याओं से राहत मिली है।
सब्जी विक्रेताओं ने मांग की है कि नगर निगम द्वारा निर्धारित शुल्क ही विक्रेताओं से लिया जाए और इसकी वसूली निगम कर्मचारियों के माध्यम से कराई जाए। उनका कहना है कि इससे सब्जी विक्रेताओं और मंडी में माल लाने वाले छोटे दुकानदारों को कथित शोषण से राहत मिल सकेगी।
18 अगस्त को हुई नीलामी निरस्त करने की मांग
पत्र में 18 अगस्त 2026 को हुई समस्त सब्जी मंडियों की नीलामी को निरस्त करने की भी मांग की गई है। एलन क्लब सब्जी मंडी के संबंध में दावा किया गया है कि करीब 98 लाख 50 हजार रुपये की बोली दी गई है और जीएसटी व स्टाम्प शुल्क जोड़ने के बाद राशि एक करोड़ रुपये से अधिक हो जाएगी। पत्र के अनुसार ठेका लेने वाले द्वारा इसकी भरपाई के लिए सब्जी विक्रेताओं से करीब 200 रुपये प्रतिदिन तक वसूली किए जाने की आशंका है।
सब्जी विक्रेताओं ने कहा है कि अधिक वसूली को लेकर ठेकेदार और विक्रेताओं के बीच विवाद की स्थिति उत्पन्न हो सकती है। उन्होंने ऐसी किसी भी स्थिति में नगर निगम प्रशासन और संबंधित जनप्रतिनिधियों से मामले का संज्ञान लेकर पहले ही उचित व्यवस्था करने की मांग की है।

बरेली
अमित कुमार कश्यप
