मुख्यमंत्री उड़न दस्ते की छापेमारी में बिना लाइसेंस चल रहा था नशा मुक्ति केंद्र, संचालक पर FIR दर्ज
पलवल।
मुख्यमंत्री उड़न दस्ता फरीदाबाद ने जिला पलवल में अवैध रूप से संचालित एक नशा मुक्ति केंद्र का भंडाफोड़ करते हुए बड़ी कार्रवाई की है। गुप्त सूचना के आधार पर की गई इस कार्रवाई में बिना अनुमति चल रहे केंद्र से 84 नशा पीड़ित लोगों को मुक्त कराया गया।
जानकारी के अनुसार 29 अप्रैल 2026 को मुख्यमंत्री उड़न दस्ता फरीदाबाद को सूचना मिली थी कि पलवल जिले में अवैध रूप से नशा मुक्ति केंद्र संचालित किया जा रहा है। सूचना के बाद स्वास्थ्य विभाग, समाज कल्याण विभाग, BDPO और स्थानीय पुलिस की संयुक्त टीम गठित कर भाटिया कॉलोनी स्थित पुरानी फौजी कैंटीन के पास 22 फुट रोड पर छापेमारी की गई।
निरीक्षण के दौरान केंद्र संचालक गुरिंद्र निवासी गांव बुखारपुर मौके पर मिला। टीम द्वारा नशा मुक्ति केंद्र चलाने का वैध लाइसेंस मांगा गया, लेकिन वह कोई दस्तावेज पेश नहीं कर सका। जांच में करीब 400 वर्ग गज के मकान के सात कमरों में 84 लोगों को रखा हुआ पाया गया, जिन्हें नशा छुड़वाने के नाम पर बिना किसी वैध अनुमति के रखा गया था।
जांच में सामने आया कि केंद्र में न तो चिकित्सकीय सुविधाएं उपलब्ध थीं और न ही साफ-सफाई, वेंटिलेशन एवं सीसीटीवी कैमरों जैसी जरूरी व्यवस्थाएं मौजूद थीं। आरोप है कि संचालक इन लोगों से पैसे वसूल रहा था।
स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी डॉ. राकेश डागर की शिकायत पर थाना कैंप पलवल में आरोपी के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया गया है। वहीं मौके पर मिले 84 लोगों को स्थानीय पुलिस ने उनके परिजनों के सुपुर्द कर दिया।
प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि अवैध रूप से संचालित नशा मुक्ति केंद्रों के खिलाफ आगे भी सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।


फरीदाबाद, हरियाणा।
मोहित सक्सेना।
