आगरा की ताजनगरी में कानून के रखवालों पर ही गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। न्यू आगरा थाने के परिसर में वर्षों पुराना हरा-भरा पाकड़ का विशाल पेड़ रात के अंधेरे में काट दिया गया। सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि यह इलाका Taj Trapezium Zone यानी TTZ में आता है, जहाँ National Green Tribunal और Supreme Court of India के सख्त आदेश हैं, बिना अनुमति एक टहनी तक नहीं काटी जा सकती। सूत्रों के अनुसार, पेड़ काटने की तैयारी कई दिनों से चल रही थी और रात भर मजदूरों से आरा चलवाकर सुबह होने से पहले लकड़ी ट्रॉली में भरकर हटवा दी गई, ताकि कोई सबूत न बचे। अब सबसे बड़ा सवाल यह है की जिस थाने के अंदर अपराध हुआ, क्या वही थाना अपने खिलाफ निष्पक्ष एफआईआर दर्ज करेगा? वन विभाग की चुप्पी भी कई सवाल खड़े कर रही है। पर्यावरण प्रेमियों की मांग है कि मामले की उच्चस्तरीय जांच हो और दोषियों पर तुरंत सख्त कार्रवाई की जाए।यह सिर्फ एक पेड़ नहीं, कानून और पर्यावरण दोनों की हत्या है।

