खुर्जा तहसील परिसर में शनिवार को आयोजित संपूर्ण समाधान दिवस उस समय चर्चा में आ गया, जब जनसमस्याओं के निस्तारण के लिए पहुंचे कुछ फरियादियों को अधिकारियों की सुनवाई का इंतजार करना पड़ा। जिलाधिकारी कुमार हर्ष और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक दिनेश कुमार सिंह के नेतृत्व में आयोजित समाधान दिवस में दूर-दराज से पहुंचे लोगों ने अपनी शिकायतें अधिकारियों के समक्ष रखीं।

बताया गया कि समाधान दिवस के दौरान कुछ अधीनस्थ अधिकारी फरियादियों की समस्याएं सुनने के बजाय मोबाइल फोन में व्यस्त नजर आए। इस दौरान मोबाइल पर रील देखने के दृश्य भी सामने आने की बात कही जा रही है। वहीं दूसरी ओर अपनी शिकायत लेकर पहुंचे फरियादी अपनी बारी का इंतजार करते दिखाई दिए।

जनसुनवाई जैसे महत्वपूर्ण कार्यक्रम में अधिकारियों के इस कथित रवैये को लेकर मौके पर मौजूद लोगों में नाराजगी देखी गई। फरियादियों का कहना था कि शासन द्वारा समाधान दिवस का उद्देश्य आमजन की समस्याओं को मौके पर सुनकर उनका त्वरित एवं गुणवत्तापूर्ण निस्तारण कराना है। ऐसे में यदि सुनवाई के दौरान ही अधिकारी मोबाइल में व्यस्त रहें तो फरियादी अपनी समस्या किसके सामने रखें?

लोगों ने उच्चाधिकारियों से मामले का संज्ञान लेकर समाधान दिवस में तैनात अधिकारियों की कार्यप्रणाली की समीक्षा करने तथा जनसुनवाई के दौरान पूरी गंभीरता और जवाबदेही सुनिश्चित कराने की मांग की है।

अब देखने वाली बात यह होगी कि समाधान दिवस में सामने आए इन दृश्यों को लेकर प्रशासन क्या संज्ञान लेता है और जनसुनवाई की व्यवस्था को लेकर क्या कदम उठाए जाते हैं।

खुर्जा। रिपोर्टर अनूप शर्मा

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