आयुर्वेद को दैनिक जीवन का हिस्सा बनाएं, स्वस्थ जीवनशैली अपनाएं-सांसद
योग एवं आयुर्वेद के मूल सिद्धांतों को अपनाना स्वस्थ जीवन के लिए आवश्यक-जिलाधिकारी
मा0 सांसद एवं जिलाधिकारी ने आयुर्वेद के प्रति जनजागरूकता बढ़ाने के उद्देश्य से जागरूकता रैली को हरी झंडी दिखाकर किया रवाना
ग्यारहवें आयुर्वेद दिवस के अवसर पर आज गांधी उद्यान में कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ माननीय सांसद बरेली छत्रपाल सिंह गंगवार एवं जिलाधिकारी अविनाश सिंह ने भगवान धन्वंतरि के चित्र पर माल्यार्पण एवं दीप प्रज्वलित कर किया।
कार्यक्रम की श्रृंखला में सर्वप्रथम डॉ. गरिमा सिंह द्वारा योगाभ्यास कराया गया, जिसमें रोहिलखंड आयुर्वेदिक मेडिकल कॉलेज एवं गंगाशील आयुर्वेदिक मेडिकल कॉलेज के छात्र-छात्राओं सहित अन्य प्रतिभागियों ने उत्साहपूर्वक प्रतिभाग किया।
इस अवसर पर माननीय सांसद जी ने अपने संबोधन में कहा कि आयुर्वेद को दैनिक जीवन का हिस्सा बनाना चाहिए। इसके माध्यम से शारीरिक स्वास्थ्य के साथ-साथ मानसिक तनाव से भी राहत प्राप्त की जा सकती है। उन्होंने कहा कि 23 सितम्बर को दिन और रात लगभग समान होने के कारण आयुर्वेद की दृष्टि से महत्वपूर्ण है।
जिलाधिकारी ने कहा कि आयुर्वेद में वात, पित्त और कफ को शरीर के तीन प्रमुख दोष माना गया है। इनके संतुलन में रहने से शरीर स्वस्थ रहता है, जबकि असंतुलन होने पर विभिन्न प्रकार के रोग उत्पन्न हो सकते हैं। उन्होंने कहा कि आयुर्वेद हमारी प्राचीन चिकित्सा पद्धति है जो स्वस्थ जीवनशैली, संतुलित आहार और प्राकृतिक उपचार के माध्यम से स्वस्थ रहने का मार्ग प्रशस्त करती है। उन्होंने नागरिकों से आयुर्वेद के सिद्धांतों को दैनिक जीवन में अपनाने तथा योग को दिनचर्या का हिस्सा बनाने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि आज की भागदौड़ भरी जिंदगी में रोगों से बचाव के लिए योग एवं आयुर्वेद के मूल सिद्धांतों को अपनाना आवश्यक है। निरोगी रहने के लिए प्रत्येक व्यक्ति को प्रतिदिन कम से कम एक घंटे योगाभ्यास करना चाहिए।
कार्यक्रम में रोहिलखंड आयुर्वेदिक मेडिकल कॉलेज एवं गंगाशील आयुर्वेदिक मेडिकल कॉलेज के छात्र-छात्राओं, विभागीय चिकित्साधिकारियों, कर्मचारियों एवं योग प्रशिक्षकों सहित 500 से अधिक प्रतिभागियों ने भाग लिया। कार्यक्रम प्रभारी डॉ. विवेक कुमार मिश्रा ने आयुर्वेद के प्रचार-प्रसार एवं दैनिक जीवन में इसके उपयोग के संबंध के बारे में जानकारी दी।
इस अवसर पर आयुर्वेद के प्रति जन-जागरूकता बढ़ाने के उद्देश्य से गांधी उद्यान से चौकी चौराहा होते हुए पुनः गांधी उद्यान तक जागरूकता रैली निकाली गई। रैली का शुभारंभ माननीय सांसद एवं जिलाधिकारी द्वारा हरी झंडी दिखाकर रवाना किया गया। रैली में 500 से अधिक लोगों ने प्रतिभाग करते हुए आयुर्वेद के महत्व से संबंधित विभिन्न स्लोगन के नारे लगाए गए।
इस अवसर पर जिला होम्योपैथिक चिकित्सा अधिकारी डॉ. मंजू सिंह तथा क्षेत्रीय यूनानी अधिकारी डॉ. कुर्तुल ऐन जैहरा जैदी द्वारा प्राचीन आयुर्वेद चिकित्सा पद्धति के महत्व पर प्रकाश डाला गया।
कार्यक्रम को सफल बनाने में डॉ. विवेक मिश्रा, डॉ. मनोज कुमार, डॉ. संजीव पटेल, डॉ. अमरीश अवस्थी, डॉ. संजय कुमार, डॉ. तपिश माहेश्वरी, डॉ. सुरेश सिंह, डॉ. प्रवेश कुमार, डॉ. प्रदीप कुमार, डॉ. शालिनी कौशिक, डॉ. वंदना मिश्रा, डॉ. विश्वजीत त्रिपाठी, डॉ. लक्ष्मी मौर्य एवं सभी योग प्रशिक्षकों का महत्वपूर्ण सहयोग रहा। कार्यक्रम का संचालन डॉ. मनोज कुमार ने किया।
जनपद में संचालित सभी 53 आयुर्वेदिक चिकित्सालयों में भी आयुर्वेद दिवस के अवसर पर भगवान धन्वंतरि का पूजन कर संगोष्ठियों एवं चिकित्सा शिविरों का आयोजन किया गया। इन कार्यक्रमों के माध्यम से आम जनमानस को आयुर्वेद चिकित्सा पद्धति, स्वस्थ जीवनशैली तथा औषधीय पौधों के महत्व की जानकारी प्रदान की गई।










बरेली
अमित कश्यप
