ग़ौस पाक की शिक्षाएं इंसानियत, रूहानियत और नैतिक मूल्यों पर आधारित हैं।

किला स्थित झंडा शरीफ पर चार रोज़ा उर्से गौसिया का आगाज परचम कुशाई की रस्म से हो गया है। फ़राज़ मियाँ ने कहा कि सुबह से ही हज़रत गौस पाक के दरवार में अकीदतमंदों की हाज़री का सिलसिला सुबह शुरू हो गया जो देररात तक जारी रहा। इसके साथ ही अकीदतमंदों को स्वच्छता का पैगाम भी दिया गया।

उर्स की शुरुआत सुबह तिलावते कलाम पाक से हुई। इसके बाद सुबह दस बजे झंडा शरीफ पर गौस पाक का गिलाफ और संदल शरीफ पेश किया गया। इस दौरान सरपरस्त हाजी शावेज़ हाशमी ने लोगों से अपने घरों के आस पास साफ सफाई का ख्याल रखने और कूड़ा इधर उधर न फेंकने की अपील की। उलमा की तकरीर के बाद परचम कुशाई का जुलूस शमशुद्दीन का फाटक स्थित मुन्ना अंसारी के निवास से निकाला गया। जो अपने कदीमी रास्तों से होता हुआ झंडा शरीफ पहुंचा। जहां परचम कुशाई की रस्म अदा की गई। रात में मिलाद ए पाक के मौके पर उलमा ने गौसे आजम की शान में तकरीर की।
मुफ़्ती खुर्शीद आलम,कारी एजाज नूरी,अफसर नूरी,नवाब मियाँ नूरी ने मिलाद ए पाक की महफ़िल में कहा कि गौस-ए-आज़म ने अपनी ज़िन्दगी का हर लम्हा हुज़ूर पुरनूर की सुन्नतों की पैरवी और अल्लाह के बंदों की खिदमत में गुज़ारा। मिलाद-ए-पाक में उनकी शान याद करने का अस्ल मक़सद यही है कि इंसान उनके बताए हुए सीधे रास्ते, सच्चाई और शरीअत की पाबंदी को अपनी अमली ज़िन्दगी में शामिल करे।

बरेली हज सेवा समिति के संस्थापक एवं समाजसेवी पम्मी ख़ाँ वारसी ने कहा कि हज़रत ग़ौस-ए-आज़म हज़रत शेख अब्दुल क़ादिर जीलानी (ग़ौस पाक) की शिक्षाएं इंसानियत, रूहानियत और नैतिक मूल्यों पर आधारित हैं। उनका पैग़ाम किसी ख़ास दौर के लिए नहीं, बल्कि हर ज़माने के इंसानों को सही राह दिखाने वाला है। हज़रत ग़ौस पाक का संदेश बुनियादी तौर पर दिल की सफ़ाई, खुदा की बंदगी और बिना किसी भेदभाव के तमाम मख़लूक़ से मोहब्बत करने की राह दिखाता है।

कमेटी के सचिव फराज मियां ने बताया कि 23 सितंबर को रात में 9 बजे से नातिया मुशायरा होगा।

इस मौके पर पम्मी ख़ाँ वारसी,सोहेल हाशमी,अहमद खान टीटू,यावर अली खां बिट्टू,आसिम हुसैन क़ादरी,अरशद हुसैन महमूद,अक्लीम बेग अंजुम,सय्यद पप्पू जमील, अशरफ शम्सी, नावेद हाशमी,फ़ैज़ी खान,
फरमान खान, नादिर खान, मुन्ना अंसारी,शहशांह मियाँ,बब्बू नियाज़ी,ताहिर खान,सय्यद काज़िम अली,मुजाहिद इस्लाम,अरबाज खान आदि सहित अकीदतमंद शामिल रहे।

अमित कुमार कश्यप

बरेली

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