जिला टास्क फोर्स बैठक में सख्त निर्देश, ओवरलोड वाहनों व बाहरी राज्यों को जाने वाले ट्रकों की होगी गहन चेकिंग

खनन माफिया पर शिकंजा: रॉयल्टी, परमिट और वाहन दस्तावेजों की होगी सघन जांच

भट्ठा संचालकों को चेतावनी: मिट्टी उत्खनन स्थलों का समतलीकरण कराना होगा अनिवार्य

बागपत 23 मई 2026 — जनपद में अवैध खनन, ओवरलोडिंग और नियमों के उल्लंघन पर प्रभावी नियंत्रण के उद्देश्य से आज जिलाधिकारी अस्मिता लाल एवं पुलिस अधीक्षक सूरज कुमार राय की अध्यक्षता में जिला टास्क फोर्स की बैठक आयोजित की गई। बैठक में प्रशासन ने स्पष्ट संदेश दिया कि जनपद में किसी भी प्रकार की अवैध खनन गतिविधि अब किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं की जाएगी। संबंधित विभागों को संयुक्त रूप से लगातार निरीक्षण, प्रवर्तन और सघन चेकिंग अभियान चलाने के निर्देश दिए गए हैं।

बैठक में जिलाधिकारी और पुलिस अधीक्षक ने विशेष रूप से रात्रिकालीन खनन पर सख्त रुख अपनाते हुए निर्देश दिए कि जनपद में रात के समय किसी भी प्रकार का खनन कार्य नहीं किया जाएगा। इसके लिए खनन, पुलिस, परिवहन एवं राजस्व विभाग की संयुक्त टीमें संवेदनशील क्षेत्रों, प्रमुख मार्गों और अंतरजनपदीय सीमाओं पर लगातार निगरानी रखेंगी। आवश्यकता पड़ने पर रात्रिकालीन नाकेबंदी और आकस्मिक निरीक्षण अभियान भी चलाया जाएगा।

प्रशासन ने स्पष्ट किया कि खनन सामग्री का परिवहन करने वाले वाहनों की रॉयल्टी, परमिट, वाहन क्षमता और अन्य आवश्यक दस्तावेजों की सघन जांच सुनिश्चित की जाएगी। अन्य राज्यों की ओर जाने वाले खनन वाहनों और भारी वाहनों की भी प्रभावी चेकिंग के निर्देश दिए गए हैं। नियमों का उल्लंघन पाए जाने पर वाहन सीज करने, जुर्माना लगाने और वैधानिक कार्रवाई करने की चेतावनी दी गई है।

बैठक में ईंट भट्ठा संचालकों द्वारा मिट्टी उत्खनन किए जाने वाले स्थलों को लेकर भी प्रशासन ने सख्त रुख अपनाया। अधिकारियों ने स्पष्ट निर्देश दिए कि जिन स्थानों से मिट्टी का उठान किया जा रहा है, वहां कार्य पूर्ण होने के बाद तत्काल समतलीकरण कराया जाना अनिवार्य होगा। प्रशासन ने कहा कि कई स्थानों पर मिट्टी उत्खनन के बाद बड़े-बड़े गड्ढे खुले छोड़ दिए जाते हैं, जिससे बरसात के दौरान जलभराव की समस्या उत्पन्न होती है और आसपास के ग्रामीणों व राहगीरों के लिए दुर्घटना का खतरा बना रहता है।

अधिकारियों ने यह भी कहा कि बिना समतलीकरण छोड़े गए स्थलों से कृषि भूमि प्रभावित होती है, पर्यावरणीय संतुलन बिगड़ता है तथा पशुओं और आम नागरिकों की सुरक्षा पर भी खतरा उत्पन्न होता है। ऐसे मामलों में संबंधित भट्ठा संचालकों की जवाबदेही तय की जाएगी और लापरवाही पाए जाने पर नियमानुसार वैधानिक कार्रवाई भी की जाएगी। प्रशासन ने निर्देश दिए कि संबंधित विभाग नियमित निरीक्षण कर यह सुनिश्चित करें कि मिट्टी उत्खनन के बाद निर्धारित मानकों के अनुसार समतलीकरण का कार्य समय से पूरा कराया जाए।

अधिकारियों ने कहा कि अवैध खनन और ओवरलोडिंग से न केवल सरकारी राजस्व की हानि होती है, बल्कि ग्रामीण एवं संपर्क मार्ग भी तेजी से क्षतिग्रस्त होते हैं। भारी वाहनों के कारण सड़क दुर्घटनाओं की आशंका बढ़ जाती है और पर्यावरणीय संतुलन भी प्रभावित होता है। इसी को ध्यान में रखते हुए विभागीय समन्वय के साथ अभियान को और प्रभावी बनाने के निर्देश दिए गए हैं।

जिलाधिकारी और पुलिस अधीक्षक ने सभी संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए कि कार्रवाई में किसी प्रकार की लापरवाही न बरती जाए तथा अभियान की रिपोर्ट नियमित प्रस्तुत की जाए। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि जनपद में अवैध खनन, ओवरलोडिंग और नियमों की अनदेखी करने वालों के विरुद्ध आगे भी लगातार सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।
इस अवसर पर अपर जिलाधिकारी वित्त राजस्व विनीत कुमार उपाध्याय ,जिला खनन अधिकारी वीरेंद्र प्रताप सिंह, सहायक संभागीय परिवहन अधिकारी विपिन कुमार सहित आदि विभागीय अधिकारी उपस्थित रहे।

सूचना विभाग बागपत

लोकेश कटारिया न्यूज रिपोर्टर बड़ौत बागपत

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