• सिलेंडर ब्लास्ट से लाखों का नुकसान, फैक्ट्री क्षेत्रों में लगातार बढ़ रहा खतरा
  • औद्योगिक नगरी में सीमित संसाधनों से कैसे बचेगी हजारों लोगों की जान?
  • व्यापारियों और नागरिकों ने उठाई अतिरिक्त फायर स्टेशन की मांग

। देशभर में अपनी सिरेमिक इंडस्ट्री और औद्योगिक पहचान के लिए प्रसिद्ध खुर्जा आज खुद आग के बड़े खतरे के बीच खड़ा दिखाई दे रहा है। शहर और औद्योगिक क्षेत्रों में तेजी से बढ़ती फैक्ट्रियों, गोदामों और गैस आधारित इकाइयों के बावजूद अग्निशमन व्यवस्था बेहद सीमित बनी हुई है, जिससे किसी बड़े हादसे की आशंका लगातार बनी हुई है।

जानकारी के अनुसार खुर्जा क्षेत्र में 500 से अधिक पंजीकृत फैक्ट्री और उद्योग संचालित हैं, जबकि छोटे और अपंजीकृत उद्योगों की अनुमानित संख्या 1200 के आसपास बताई जाती है। इतने बड़े औद्योगिक क्षेत्र के बावजूद आग जैसी आपदा से निपटने के लिए पर्याप्त संसाधन उपलब्ध नहीं हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि पूरे क्षेत्र के लिए केवल एक बड़ी फायर ब्रिगेड गाड़ी होना चिंता का विषय है।

दिनांक 15 मई 2026 को गली नंबर 2, पावर हाउस गोदाम के सामने वाली गली में भीषण अग्निकांड हुआ। सूचना मिलने पर एक अग्निशमन गाड़ी मौके पर पहुंची, लेकिन उसका पानी मात्र आधे घंटे में समाप्त हो गया। लगभग एक घंटे बाद आसपास की तहसीलों से दूसरी गाड़ी मंगाई गई, किंतु उसका पानी भी जल्द खत्म हो गया। इसके बाद स्थानीय निवासियों ने अपने-अपने सबमर्सिबल पंपों से पानी उपलब्ध कराकर आग बुझाने में सहयोग किया। प्रशासन एवं फायर विभाग ने पूरा सहयोग किया, लेकिन पर्याप्त संसाधन और पानी की समुचित व्यवस्था न होने के कारण आग पर जल्दी काबू नहीं पाया जा सका। शाम 5:15 बजे लगी आग को रात लगभग 12:00 बजे तक नियंत्रित किया जा सका।

हाल ही में शहर में सिलेंडर ब्लास्ट के बाद घर में भीषण आग लगने की घटना ने लोगों को झकझोर कर रख दिया। आग इतनी भयावह थी कि लाखों रुपये का सामान जलकर राख हो गया और आसपास अफरा-तफरी का माहौल बन गया। दमकल विभाग ने कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया।

इसके अलावा औद्योगिक क्षेत्रों में समय-समय पर शॉर्ट सर्किट, गैस रिसाव, भट्टियों की अत्यधिक गर्मी और केमिकल सामग्री के कारण आग लगने की घटनाएं सामने आती रही हैं। कई मामलों में दमकल गाड़ियों को दूसरे क्षेत्रों से बुलाना पड़ता है, जिससे राहत कार्य में देरी होती है और नुकसान बढ़ने का खतरा बना रहता है।

व्यापारियों, उद्योग संचालकों और स्थानीय नागरिकों का कहना है कि यदि किसी बड़े औद्योगिक क्षेत्र या फैक्ट्री में भीषण आग लग जाए तो मौजूदा संसाधनों से स्थिति संभालना बेहद कठिन हो सकता है। लोगों ने शासन-प्रशासन एवं माननीय विधायक से मांग की है कि —

  • खुर्जा में अतिरिक्त फायर स्टेशन बनाए जाएं,
  • हाई प्रेशर फायर टेंडर उपलब्ध कराए जाएं,
  • औद्योगिक क्षेत्रों में विशेष अग्निशमन यूनिट तैनात की जाए,
  • आपातकालीन जल स्रोत और फायर हाइड्रेंट लगाए जाएं,
  • तथा आधुनिक उपकरणों और पर्याप्त स्टाफ की व्यवस्था की जाए।

स्थानीय नागरिकों का कहना है कि यदि समय रहते अग्निशमन व्यवस्था को मजबूत नहीं किया गया तो भविष्य में कोई बड़ा हादसा जनहानि और करोड़ों रुपये के नुकसान का कारण बन सकता है।

रिपोर्टर – अनूप शर्मा
खुर्जा

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