बुलंदशहर की जिला कचहरी सोमवार सुबह अचानक गोलियों की गूंज से दहल उठी। जहां न्याय की आवाज सुनाई देती है, वहीं कुछ ही पलों में चीख-पुकार और भगदड़ का माहौल बन गया। चैंबर कब्जे को लेकर शुरू हुआ विवाद देखते ही देखते खूनी संघर्ष में बदल गया और कोर्ट परिसर रणक्षेत्र बन गया। फायरिंग में कांग्रेस जिलाध्यक्ष जियाउर रहमान के पिता इमामुद्दीन और उनके रिश्तेदार रऊफ खान गोली लगने से घायल हो गए। दोनों को आनन-फानन में राना हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया, जहां उनका उपचार चल रहा है।
प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, विवाद अधिवक्ता दिवंगत सलीम अख्तर के चैंबर नंबर 272 को लेकर था। बताया जा रहा है कि सलीम अख्तर की पत्नी ने अनापत्ति देकर चैंबर इमामुद्दीन के नाम अलॉट करा दिया था। इसी को लेकर पूर्व सचिव पवन नीम गुट लंबे समय से विरोध जता रहा था। सोमवार सुबह जब विरोधी पक्ष कथित तौर पर चैंबर का ताला तोड़ने पहुंचा, तो दोनों गुट आमने-सामने आ गए। पहले तीखी बहस हुई, फिर धक्का-मुक्की और उसके बाद अचानक गोलियां चलने लगीं।
गोलियों की आवाज सुनते ही कचहरी परिसर में अफरा-तफरी मच गई। अधिवक्ता, वादकारी और कर्मचारी जान बचाने के लिए इधर-उधर भागते नजर आए। कुछ देर के लिए पूरा कोर्ट परिसर दहशत में डूब गया।
घटना की सूचना मिलते ही दिनेश कुमार सिंह, प्रखर पांडेय और कोतवाली प्रभारी धर्मेंद्र राठौर भारी पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। पुलिस अधिकारियों ने घटनास्थल का निरीक्षण कर हालात को नियंत्रित किया। इसके बाद एसएसपी दिनेश कुमार सिंह सीधे राना हॉस्पिटल पहुंचे और घायलों का हालचाल जाना।
पुलिस ने विवादित चैंबर को सील कर दिया है और कोर्ट परिसर में लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगालनी शुरू कर दी है। फायरिंग करने वालों की पहचान कर गिरफ्तारी के प्रयास तेज कर दिए गए हैं। घटना के बाद कचहरी परिसर में सुरक्षा व्यवस्था बढ़ा दी गई है। वहीं अधिवक्ताओं में घटना को लेकर भारी रोष व्याप्त है और कोर्ट परिसर की सुरक्षा व्यवस्था पर भी सवाल खड़े हो रहे हैं।




रिपोर्ट: अनूप शर्मा, बुलंदशहर
