फरीदाबाद, 31 मार्च।
हरियाणा में रबी खरीद सीजन 2026-27 के लिए सरकार ने व्यापक तैयारियां पूरी कर ली हैं। प्रदेश की अनाज मंडियों में 1 अप्रैल से 15 मई तक सरकारी खरीद का कार्य सुचारू रूप से संचालित किया जाएगा। खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता मामले राज्य मंत्री राजेश नागर ने बताया कि मंडियों में साफ-सफाई, किसानों की सुविधा और पारदर्शी प्रक्रिया सुनिश्चित करने के लिए पुख्ता इंतजाम किए गए हैं।
राजेश नागर ने कहा कि इस बार खरीद प्रक्रिया को और अधिक सरल और पारदर्शी बनाने के लिए जिला खाद्य एवं आपूर्ति नियंत्रकों तथा एजेंसियों के जिला प्रबंधकों को विशेष प्रशिक्षण दिया गया है। मंडियों में बायोमेट्रिक आधारित खरीद प्रणाली लागू की गई है, जिसमें किसान स्वयं या उनके द्वारा नामित तीन व्यक्तियों में से किसी एक का सत्यापन अनिवार्य होगा, जिससे किसानों को बार-बार मंडी आने की आवश्यकता नहीं पड़ेगी।
सरकार ने फर्जी बिक्री पर रोक लगाने के लिए सभी मंडियों की जियो-फेंसिंग भी कर दी है। इसके तहत गेट पास, नीलामी, जे-फंड और लिफ्टिंग जैसी सभी गतिविधियां केवल मंडी परिसर के भीतर ही संपन्न होंगी। साथ ही, गेट पास जारी करते समय वाहन का फोटो और नंबर देना अनिवार्य किया गया है, जबकि नंबर प्लेट न होने पर किसान हाथ से लिखकर भी नंबर प्रदर्शित कर सकते हैं।
निकास गेट पास भी तभी जारी होगा, जब संबंधित वाहन मंडी के जियो-फेंस क्षेत्र के भीतर मौजूद होगा। इसी तरह, भंडारण स्थलों पर भी जियो-फेंसिंग लागू की गई है, जिससे खाद्यान्न की प्राप्ति केवल वास्तविक उपस्थिति में ही संभव होगी।
मंत्री ने बताया कि “मेरी फसल मेरा ब्यौरा” पोर्टल पर पंजीकृत किसानों की उपज की पूर्ण खरीद सुनिश्चित की जाएगी। फसल सत्यापन के लिए उपग्रह आधारित तकनीक, राजस्व एवं कृषि विभाग के सत्यापन के साथ HARSAC के हीट मैप्स का भी उपयोग किया जा रहा है।
सरकार का लक्ष्य इस खरीद सीजन में पारदर्शिता, सुविधा और किसानों के हितों की पूर्ण सुरक्षा सुनिश्चित करना है।

फरीदाबाद, हरियाणा।
मोहित सक्सेना।
