भारतीय मानवाधिकार महासंघ के पदाधिकारियों ने कहा कि बिगड़ती सफाई व्यवस्था पर चिंता जताते हुए कहा कि चुनावों से पहले जनता को विकास नहीं बल्कि जगह-जगह कूड़े के ढेर यानी ” स्पेशल तोहफा” के रूप में मिल रहे है शहर के कई इलाकों में गंदगी फैली हुई है जिससे आम लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है
महासंघ के पदाधिकारियों ने कहा कि नगर कौंसिल चुनाव आते ही नेता बड़े बड़े वादे और भाषण देने मे व्यस्त हैं लेकिन जमीनी हकीकत कुछ और ही बयां कर रही है सड़कों, बाजारों और गलियों में कुढे के ढेर शासन प्रशासन और जनप्रतिनिधियों की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े कर रहे है
भारतीय मानवाधिकार महासंघ के पदाधिकारियों ने कहा कि गंदगी और बदबू के कारण लोगों मे बीमारी फैलने का ख़तरा लगातार बढ़ रहा है बच्चों, बुजुर्गों और दुकानदारों और आने-जाने वालों को सबसे अधिक परेशानी उठानी पड़ रही है संगठन ने कहा कि जनता अब भी जागरुक नही हुई तो फिर कभी भी जागरुक नही हो सकती अगर जागरूक हो तो नेताओं से पिछले पांच वर्षों का हिसाब मांग लें
भारतीय मानवाधिकार महासंघ ने यह भी कहा कि जनता की चुप्पी को कमजोरी समझना गलत है अगर शहर की समस्याओं का समाधान नहीं हुआ तो आने वाले समय मे लोग अपने वोट की ताकत से ज़वाब देंगे भारतीय मानवाधिकार महासंघ के पदाधिकारियों ने सरकार से मांग की है कि सफाई कर्मचारियों की मांगों को लेकर जनता के बारे सोचना चाहिए और हड़ताल खत्म कराना चाहिए और सफाई व्यवस्था को तुरंत सुधारा जाए और शहर को स्वच्छ बनाया जाए
भारतीय मानवाधिकार महासंघ के पदाधिकारियों ने जनता के स्वास्थ्य और अधिकारों से खिलवाड़ बंद होना चाहिए विकास केवल भाषणों से नहीं जमीनी कार्या होना चाहिए

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