आगरा में निजी स्कूलों की मनमानी पर प्रशासन का बड़ा एक्शन। फीस, यूनिफॉर्म, किताब और स्कूल बस, अब सब कुछ होगा पारदर्शी और नियमों के दायरे में। जिलाधिकारी की अध्यक्षता में हुई जिला शुल्क नियामक समिति की बैठक में साफ संदेश दिया गया—अब स्कूल अपनी वेबसाइट पर फीस से लेकर बसों की फिटनेस, ड्राइवर का ब्यौरा और हर प्रकार के शुल्क का पूरा विवरण अनिवार्य रूप से अपलोड करेंगे। नियम तोड़ने पर एफआईआर, जुर्माना और मान्यता रद्द तक की कार्रवाई होगी ।
अब बिना अनुमति फीस नहीं बढ़ेगी, हर साल यूनिफॉर्म बदलने की मनमानी खत्म होगी और किसी एक दुकान की मोनोपोली पर रोक लगेगी। पुरानी किताब होने पर बच्चों को नई किताब खरीदने के लिए मजबूर नहीं किया जा सकेगा। आरटीई के तहत चयनित बच्चों को तुरंत प्रवेश देने के सख्त निर्देश भी जारी किए गए हैं—शिक्षा हर बच्चे का अधिकार है, इसमें लापरवाही बर्दाश्त नहीं होगी। 1 से 15 अप्रैल तक स्कूल बसों पर विशेष अभियान चलेगा। बिना परमिट या फिटनेस वाले वाहनों को सीज किया जाएगा और नाबालिग छात्रों के वाहन चलाकर स्कूल आने पर स्कूल प्रबंधन जिम्मेदार होगा। साफ है, अब स्कूलों में मनमानी नहीं, पारदर्शिता और बच्चों की सुरक्षा सबसे बड़ी प्राथमिकता होगी।

