
जहां महज दो माह के मासूम बच्चे को फर्जी गोदनामा बनाकर ठगीपूर्वक ले जाने का आरोप लगा है। यह मामला सामने आने के बाद क्षेत्र में हड़कंप मच गया है।

पीड़िता बसंती देवी, पति विजय सिंह, का आरोप है कि गौतम अग्रवाल, पिता अशोक अग्रवाल, उम्र लगभग 38 वर्ष, द्वारा धोखाधड़ी करते हुए फर्जी तरीके से गोदनामा तैयार कराया गया। आरोप है कि स्टाम्प पेपर पर गलत जानकारी देकर बसंती देवी से दस्तखत करवा लिए गए, जिसके बाद उनका दो माह का बच्चा उनसे अलग कर लिया गया।पीड़िता बसंती देवी का कहना है कि वह आर्थिक व सामाजिक रूप से कमजोर है और आरोपी ने इसी का फायदा उठाया।

उन्हें यह विश्वास दिलाया गया कि कागजी प्रक्रिया केवल सहायता से संबंधित है, लेकिन बाद में उन्हें पता चला कि उनके बच्चे को गोद लेने के नाम पर दस्तावेज तैयार कर लिए गए हैं।इस घटना के बाद से पीड़िता अपने मासूम बच्चे को वापस पाने के लिए थाना, प्रशासन और अन्य शासकीय कार्यालयों के चक्कर काटने को मजबूर है।


बावजूद इसके अब तक उसे कोई ठोस राहत नहीं मिल पाई है। पीड़िता ने शासन-प्रशासन से गुहार लगाते हुए मांग की है कि मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों पर सख्त कार्रवाई की जाए और उसका बच्चा उसे सुरक्षित वापस दिलाया जाए।यह मामला न केवल कानून व्यवस्था पर सवाल खड़ा करता है, बल्कि नाबालिग बच्चों की सुरक्षा और गोद लेने की प्रक्रिया में हो रही अनियमितताओं को भी उजागर करता है। अब देखना यह होगा कि प्रशासन इस गंभीर प्रकरण को कितनी गंभीरता से लेता है और पीड़िता को कब तक न्याय मिल पाता है।
रिपोर्ट : अशफाक खान
