राजश्री आयुर्वेदिक मेडिकल कॉलेज एवं हॉस्पिटल, बरेली में आरोग्य-भारती (ब्रज प्रान्त) के अभियान ’एक राष्ट्र एक चिकित्सा पद्धति’ की दिशा में ’’हेपा गैस्ट्रो कॉन्फ्रेंस 26’’ पर राजश्री आयुर्वेदिक संस्थान एवं गट्टूमल फाउंडेशन के सौजन्य से नेशनल सेमिनार का आयोजन किया गया।
कार्यक्रम का शुभारम्भ मुख्य अतिथि डॉ0 अतुल वार्ष्णेय, सदस्य भारतीय चिकित्सा पद्धति, राष्ट्रीय आयोग, आयुष मंत्रालय, भारत सरकार, विशिष्ट अतिथि डॉ0 सुदीप सरन, वरिष्ठ फिजीशियन एवं निदेशक, सरन हॉस्पिटल एण्ड इंस्टीट्यूट ऑफ पैरामेडिकल साइंस, बरेली, रवि गट्टूमल अग्रवाल, प्रबन्ध निदेशक, गट्टूमल आयुर्वेदा, बरेली, संस्थान के चेयरमैन राजेन्द्र कुमार अग्रवाल, सचिव राकेश कुमार अग्रवाल, वाइस चेयरपर्सन डॉ0 मोनिका अग्रवाल एवं प्रबन्ध निदेशक इं0 रोहन बंसल ने मां सरस्वती एवं भगवान धनवन्तरि के समक्ष दीप प्रज्ज्वलन एवं माल्यार्पण करके किया।
मुख्य अतिथि ने अपने सम्बोधन में कहा कि आरोग्य भारती एक वैश्विक मंच है जो आयुर्वेद योग, प्राकृतिक चिकित्सा एवं आधुनिक चिकित्सा पद्धतियों के चिकित्सकों व सेवाभावी व्यक्तियों को एक मंच प्रदान करता है। विशिष्ट अतिथि डॉ0 सुदीप सरन ने अपने वक्तव्य में आधुनिक जीवन शैली में फैटी लीवर की आम समस्या से निजात पाने के लिये सावधानियां एवं मूलभूत उपचार पर छात्रों का मार्गदर्शन किया। श्री रवि गट्टूमल अग्रवाल ने आयुर्वेदिक औषधियों की आम जन-मानस तक सुलभ पहुंच के लिये गट्टूमल आयुर्वेदा की सेवा योजनाओं से अवगत कराया। संस्थान के चेयरमैन राजेन्द्र कुमार अग्रवाल ने बताया कि विश्व के प्राचीनतम चिकित्सा पद्धतियों में विशेष स्थान रखने वाली भारतीय चिकित्सा पद्धति स्वास्थ्य को केवल इलाज तक सीमित नहीं मानती अपितु इसे सेवा संस्कार एवं समाज जागरण का एक माध्यम मानती है।
संस्थान की वाइस चेयरपर्सन डॉ0 मोनिका अग्रवाल ने आयुर्वेद के छात्र-छात्राओं को स्वास्थ्य संरक्षण, रोग निवारण एवं स्वास्थ्य संवर्धन पर मार्गदर्शन किया। प्रबन्ध निदेशक इं0 रोहन बंसल ने आम जन-मानस को आयुर्वेद के सिद्धान्तों से जुड़ने के लिये व्यापक जन-जागरण पर बल दिया।
इस अवसर पर कॉलेज के चिकित्सकों, शिक्षकों एवं विद्यार्थियों सहित लगभग 500 प्रतिभागियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। विशेषज्ञों द्वारा यकृत एवं जठरांत्र देखभाल एवं पाचन तंत्र से संबंधित रोगों की रोकथाम, निदान और उपचार के विभिन्न पहलुओं पर महत्वपूर्ण जानकारी साझा की गई। राष्ट्रीय आयुर्वेद विद्यापीठ, दिल्ली से डॉ0 सत्यप्रकाश गुप्ता, कन्सल्टेंट लैप्रोस्कोपिक एण्ड गैस्ट्रो सर्जन डॉ0 दुष्यन्त गुप्ता, गैस्ट्रो इंटेरोलॉजिस्ट डॉ0 रजनीश वार्ष्णेय, डॉ0 शान्तुल गुप्ता, डॉ0 दिनेश विश्वास ने अपने व्याख्यान द्वारा छात्रों का मार्गदर्शन किया। साथ ही पाचन तंत्र एवं गैस्ट्रोएंटेरोलॉजी से संबंधित रोगों के प्रति चिकित्सा पद्धतियों पर चर्चा हुई।
कार्यक्रम के सफल आयोजन में रजिस्ट्रार दुष्यन्त माहेश्वरी, डॉ॰ पुनीत शर्मा, डॉ0 सुमिता सिंह, डॉ0 अंकित चांडक सहित समस्त स्टाफ का सहयोग रहा। प्राचार्य डॉ0 सुभाष रावत ने आयोजकों, विशेषज्ञ चिकित्सकों, शिक्षकों एवं प्रतिभागियों का आभार व्यक्त किया गया। मंच संचालन डॉ॰ स्वतंत्र गुप्ता ने किया।

अमित कुमार कश्यप
बरेली
