मतदाता सूचियों में नाम हटाने और ईवीएम से जुड़े चुनावी अनियमितताओं के आरोपों को लेकर भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी, वामपंथी दलों ने मंगलवार को राष्ट्रपति को संबोधित मांगपत्र जिलाधिकारी के माध्यम से सौंपा। सीपीआई और सीपीआई(एम) के राष्ट्रीय आह्वान पर दिए गए मांगपत्र में चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए कई मांगें उठाई गईं।
मांगपत्र में कहा गया कि चुनाव आयोग के प्रमुख ज्ञानेश कुमार को तत्काल पद से हटाया जाए। इसके साथ ही एसआईआर के माध्यम से मतदाता सूचियों से बड़ी संख्या में नाम हटाए जाने के मामले में उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाए।
वामपंथी दलों ने चुनाव प्रक्रिया में ईवीएम के माध्यम से कथित धांधली के आरोपों की भी जांच कराने की मांग उठाई। उन्होंने कहा कि मतदाता सूची लोकतांत्रिक व्यवस्था का महत्वपूर्ण आधार है, इसलिए इसमें किसी भी स्तर पर अनियमितता को गंभीरता से लिया जाना चाहिए। इसके अलावा जंतर-मंतर पर आंदोलन कर रहे छात्रों, नौजवानों, किसानों और महिलाओं के कथित उत्पीड़न पर तत्काल रोक लगाने की मांग की गई। प्रतिनिधियों ने कहा कि शांतिपूर्ण आंदोलन करना लोकतांत्रिक अधिकार है और आंदोलकारियों की मांगों को सुनकर उनका समाधान किया जाना चाहिए। ज्ञापन देने वालों में राजेश तिवारी, सतीश कुमार सिंह, पंकज सक्सेना, वीरपाल, राम किशोर आदि उपस्थित रहे।

अमित कुमार कश्यप
बरेली
