प्रयागराज।
प्रयागराज की पवित्र धरती पर आध्यात्मिकता और योग का एक अनोखा संगम देखने को मिला, जब अध्यात्म योग मिशन के संस्थापक योग गुरु महर्षि मधुसूदन जी पहुंचे। इस खास मौके को आचार्य महामंडलेश्वर स्वामी कौशल्यानंद गिरी “टीना मां” ने और खास बना दिया, जिन्होंने उन्हें अंगवस्त्र देकर सम्मानित किया। यह इवेंट सिर्फ एक फॉर्मैलिटी नहीं थी; यह ज्ञान और अनुभवों का एक जीवंत आदान-प्रदान बन गया। महर्षि मधुसूदन जी ने योग को जीवन की गहराई से जोड़ते हुए बताया कि यह सिर्फ शारीरिक स्वास्थ्य बनाए रखने का एक तरीका नहीं है, बल्कि आत्मा को जगाने का एक रास्ता भी है। उनकी बातों ने वहां मौजूद लोगों को गहराई से छू लिया। टीना मां ने भी उनके साथ योग और आध्यात्मिक अभ्यास के अलग-अलग पहलुओं पर चर्चा की और उनके अनुभवों से प्रेरणा ली। उन्होंने ऐसे संतों के साथ होने पर अपनी खुशकिस्मती बताई जो जीवन को सही दिशा देने का काम करते हैं। इस इवेंट में बड़ी संख्या में भक्त और योग के शौकीन लोग शामिल हुए। पूरे माहौल में पॉजिटिव एनर्जी और स्पिरिचुअलिटी का एहसास था, जिसने सभी को एक नई प्रेरणा और शांति का संदेश दिया।


