गौ आश्रय स्थलों को आत्मनिर्भर बनाने की तैयारी, बायोगैस व पंचगव्य प्रशिक्षण केंद्र स्थापित करने की पहल

लखनऊ। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ महाराज से सोमवार को कालिदास मार्ग स्थित सरकारी आवास पर उत्तर प्रदेश गो-सेवा आयोग के अध्यक्ष श्याम बिहारी गुप्ता ने शिष्टाचार भेंट की। इस दौरान प्रदेश में गो-सेवा से जुड़ी विभिन्न योजनाओं एवं उनके विस्तार को लेकर महत्वपूर्ण चर्चा हुई। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ महाराज ने निर्देश दिया कि प्रदेश के प्रत्येक मंडल में संचालित गौ आश्रय स्थलों को केवल संरक्षण तक सीमित न रखकर उन्हें आत्मनिर्भर बनाया जाए। इसके लिए गौ आधारित प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देने, बायोगैस संयंत्र स्थापित करने तथा पंचगव्य उत्पादों के निर्माण एवं प्रशिक्षण केंद्र विकसित करने की दिशा में ठोस कार्ययोजना तैयार की जाए। उन्होंने कहा कि इससे ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी और किसानों को अतिरिक्त आय के स्रोत प्राप्त होंगे। श्याम बिहारी गुप्ता ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ महाराज को आयोग की वर्तमान गतिविधियों से अवगत कराया और भविष्य की योजनाओं का खाका प्रस्तुत किया। उन्होंने आश्वस्त किया कि मुख्यमंत्री के मार्गदर्शन में प्रदेश के गौ आश्रय स्थलों को मॉडल केंद्र के रूप में विकसित किया जाएगा, जहां प्रशिक्षण, उत्पादन और रोजगार के अवसर एक साथ उपलब्ध होंगे। इस अवसर पर झांसी के गुरसहाय निवासी लाल खां ने मुख्यमंत्री को अपनी स्वयं लिखित बुंदेली रामचरितमानस भेंट कर आशीर्वाद प्राप्त किया। कार्यक्रम में अशोक गिरी (पूर्व जिलाध्यक्ष, झांसी), हृदेश गोस्वामी (मंडल उपाध्यक्ष, भाजपा) सहित कई गणमान्य लोग उपस्थित रहे। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ महाराज ने सभी को समाज हित में सक्रिय भूमिका निभाने के लिए प्रेरित करते हुए कहा कि गो-सेवा और ग्रामीण विकास को जोड़कर प्रदेश में समृद्धि का नया मॉडल स्थापित किया जा सकता है।

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