खत्म हो जाएगी नस्ल :थाली में परोसा जहर बना रहा है इंसान को नपुंसक…ज्योति बाबा
मां बनना होगा सपना: रासायनिक प्रदूषण से टूट रही प्रजनन की डोर…ज्योति बाबा
जहर की खेती,बांझपन की फसल: हर घर में मंडरा रहा नपुंसकता का खतरा…ज्योति बाबा
वैज्ञानिक चेतावनी ! रसायन,ड्रग्स और प्रदूषण से 50 साल में मिट जाएगी इंसानी नस्ल…ज्योति बाबा
कानपुर। पिछले 50 साल में दो तिहाई जानवर खत्म,अब इंसान की बारी है फॉरएवर केमिकल से फर्टिलिटी पर संकट गहरा रहा है,सिंथेटिक रसायन का कहर पुरुष,महिला दोनों में तेजी से बांझपन बढ़ा रहा है रसोई से कोख तक जहर ही जहर है वैज्ञानिकों का कहना है कि रसायन भोजन के द्वारा चुपचाप नपुंसक बना रहा है।
बच्चे तरसेंगे दुनिया में आने के लिए लेकिन जलवायु,नशा व रसायन का कॉकटेल जीरो फर्टिलिटी का प्रमुख कारण बन रहा है उपरोक्त बात सोसाइटी योग ज्योति इंडिया व अलंकृत फाउंडेशन के संयुक्त तत्वावधान में नशा मुक्ति युवा भारत थीम पर संस्था कार्यालय में आयोजित ई- राष्ट्रीय संगोष्ठी शीर्षक क्या मम्मी बनना होगा मुश्किल, रोज के खाने में छिपा बांझपन का कहर पर अंतर्राष्ट्रीय नशा मुक्ति अभियान के प्रमुख, एशिया बुक आफ वर्ल्ड रिकॉर्डधारी योग गुरू ज्योति बाबा ने कहीं, उन्होंने आगे जोर देकर कहा कि यही हाल रहा तो यह आखिरी पीढ़ी बन सकती है क्योंकि सिंथेटिक रसायन चुपचाप पैदा होने का हक छीन रहे हैं। ज्योति बाबा ने आगे बताया कि पेस्टिसाइड्स से प्लास्टिक तक हमारा रासायनिक भोजन चुपचाप प्रजनन क्षमता निगल रहा है जहर की खेती बांझपन की फसल पूरी मानव जाति साइलेंट फर्टिलिटी क्राइसिस से घिर चुकी है।
शिक्षाविद साकेत सिंह ने कहा की दुनिया में आज हजारों तरह के सिंथेटिक रसायन मानव निर्मित केमिकल्स फैले हुए हैं वैज्ञानिकों का कहना है कि इनमें से कई पेस्टिसाइड प्लास्टिक,पोल्यूटेंट और फॉरएवर केमिकल प्रजनन क्षमता यानी फर्टिलिटी को चुपचाप नुकसान पहुंचा रहे हैं।
राष्ट्रीय उपाध्यक्ष सोसाइटी योग ज्योति इंडिया डॉक्टर धर्मेंद्र यादव ने कहा कि एक नई स्टडी में वैज्ञानिकों ने चेतावनी दी है कि रसायन,नशा व जलवायु परिवर्तन मिलकर मानव व जानवरों दोनों की प्रजनन क्षमता,जैव विविधता और स्वास्थ्य को गंभीर खतरे में डाल रहे हैं।
समाज सेवी उपेंद्र मिश्रा ने कहा कि इंसानों में भी पुरुष और महिला दोनों में बांझपन की समस्या गंभीरतम स्तर पर पहुंच चुकी है।
डॉक्टर अतुल कुमार मिश्रा राष्ट्रीय अटल आरोग्य संघ ने कहा कि जलवायु परिवर्तन व प्रदूषण के कारण पिछले 50 सालों में पृथ्वी पर वन्य जीवों की दो तिहाई से ज्यादा आबादी घट चुकी है। संगोष्ठी का संचालन समाजसेविका श्रीमती शोभा मिश्रा संयोजन डॉक्टर सुलोचना दीक्षित व धन्यवाद पीयूष रंजन सनातनी ने दिया। अंत में योग गुरू ज्योति बाबा ने सभी को रासायनिक और केमिकल युक्त भोजन के सेवन से दूरी बनाने का संकल्प भी कराया। अन्य प्रमुख डॉ आर सी शर्मा, रति दीक्षित, मयंक त्रिपाठी, सुश्री गीता,डॉ सुलोचना दीक्षित इत्यादि थी।

