वाराणसी। गौमाता को सम्मान दिलाने के उद्देश्य से पूरे देश में चल रहे “गो सम्मान आह्वान अभियान” के अंतर्गत आज 12 अप्रैल (रविवार) को काशी के आदि शंकराचार्य मठ, बैजनत्था मंदिर के समीप, कमच्छा में एक दिवसीय संभाग स्तरीय संगोष्ठी एवं पत्रकार वार्ता का आयोजन किया गया। समिति द्वारा निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार आयोजन की शुरुआत सुबह 9:00 बजे जलपान से होगी। इसके बाद
9:30–10:00 बजे परिचय सत्र
10:00–10:30 बजे अभियान परिचय
10:30–1:00 बजे जिलावार संवाद
1:00–2:00 बजे भोजन अवकाश
2:00–3:00 बजे प्रेस वार्ता
3:00–4:00 बजे संकल्प एवं सोशल मीडिया प्रशिक्षण
4:00–4:30 बजे संतों का ऑनलाइन उद्बोधन
4:30–5:00 बजे प्रशिक्षण (अनुमति, प्रचार, हस्ताक्षर, ज्ञापन)
5:00–6:00 बजे स्वल्पाहार एवं परिचर्चा
के साथ कार्यक्रम का समापन आभार प्रदर्शन व प्रचार सामग्री वितरण के साथ होगा। आयोजकों का कहना है कि स्वतंत्रता के 78 वर्ष बाद भी कई राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में गोवध की घटनाएँ जारी हैं, बड़ी संख्या में गोवंश निराश्रित स्थिति में भटक रहा है और गो संरक्षण की दिशा में ठोस प्रयासों की आवश्यकता है। इसी उद्देश्य से देशभर में जनजागरण, प्रचार-प्रसार और जनसंपर्क अभियान चलाया जा रहा है।
अभियान के अगले चरण में 27 अप्रैल 2026 (सोमवार) को देशभर के गोभक्त और संत तहसील एवं ब्लॉक मुख्यालयों पर पहुंचकर तहसीलदार/एसडीएम को राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री, राज्यपाल एवं मुख्यमंत्री के नाम गो सेवा, गो सुरक्षा और गो सम्मान से संबंधित ज्ञापन सौंपेंगे।
इस अभियान के अध्यक्ष नंदी बाबा तथा प्रधान संरक्षक भगवती गौमाता हैं। अभियान किसी संगठन या व्यक्ति विशेष के नेतृत्व में नहीं, बल्कि संतों और गोसेवकों के सामूहिक, निष्काम प्रयासों से संचालित किया जा रहा है। संतों का विश्वास है कि यदि 27 अप्रैल को देशभर के लाखों गोभक्त एक साथ शांतिपूर्ण रूप से गो सम्मान की मांग उठाएँगे, तो सरकार इस दिशा में ठोस कदम उठाने के लिए प्रेरित होगी और गो सेवा-गो संरक्षण का कार्य व्यापक रूप से प्रारंभ हो सकेगा।

