असावरा: श्री विश्वकर्मा जांगिड़ ब्राह्मण धर्मशाला के परिसर में ‘न्यू जांगिड़ ब्राह्मण विकास समिति’ तथा श्री हनुमान जी एवं श्री विश्वकर्मा ट्रस्ट मंदिर, इष्ट असावरा की नई कार्यकारिणी के पदाधिकारियों को श्रीमान परसराम सुथार (नारायणपुरा, समाज सेवी) द्वारा हमारे आराध्य देव भगवान श्री विश्वकर्मा को साक्षी मानकर शपथ दिलाई गई।
उदयपुर, चित्तौड़गढ़, राजसमंद, प्रतापगढ़, नीमच, मंदसौर एवं भीलवाड़ा जिले के जांगिड़ ब्राह्मण समाज के विभिन्न चौखलों से पधारे प्रतिनिधियों एवं प्रबुद्धजनों का सामाजिक सम्मेलन आयोजित हुआ। इसमें समाज के सुधार हेतु नियमों में आंतरिक बदलाव के लिए निम्नलिखित निर्णयों पर सर्वसम्मति से विचार-विमर्श हुआ:
चिट्ठी दस्तूर: इसमें अधिकतम 2 तोला सोना एवं 500 ग्राम चांदी की रकम ही चढ़ाई जाएगी।
मांगलिक कार्यक्रम: शादी एवं अन्य मांगलिक कार्यक्रमों में डी.जे. (DJ) एवं बैंड पूर्णतः बंद रहेगा।
ओढणा प्रथा: इसमें केवल दादेरा, ननेरा एवं ससुराल पक्ष का ही मान्य होगा; लिफाफा प्रथा मान्य होगी।
मायरा: मायरे में कजली द्वारा रिटर्न गिफ्ट नहीं दिया जाएगा।
विवाद निपटारा: सगाई या शादी विच्छेद होने पर सीधे कानूनी कार्यवाही न करके, समाज के प्रबुद्धजनों के समक्ष वार्ता कर समाधान किया जाएगा। जिन्होंने कानूनी कार्यवाही कर रखी है, उन्हें अपनी शिकायत वापस लेनी होगी।
शादी समारोह: शादियों में प्री-वेडिंग (Pre-wedding) शूट नहीं किया जाएगा।
संस्कार: शादी से पूर्व यज्ञोपवीत संस्कार (जनेऊ) अनिवार्य रूप से किया जाए।
मृत्यु भोज: अंतिम इच्छा अनुसार ‘गंगाजली’ प्रसादी में केवल एक मिठाई रखी जाए। अफीम या नशा संबंधी किसी भी चीज का वितरण नहीं किया जाएगा। इस उपलक्ष्य में किसी भी प्रकार के बर्तन या कपड़ा नहीं दिया जाएगा।
अनुशासन: सामूहिक निर्णयों का उल्लंघन करने वालों पर विचार किया जाएगा।
अंतरजातीय विवाह: समाज का कोई भी व्यक्ति ‘कोर्ट मैरिज’ या समाज के बाहर शादी करने वालों के यहाँ शामिल होने नहीं जाएगा।
विवाह सीमा: समाज के युवक-युवतियां गैर-समाज में शादी नहीं करेंगे।
सभी प्रतिनिधि अपने-अपने चौखलों में मीटिंग में पारित प्रस्ताव एवं नियमों का अनुमोदन कर लागू करेंगे एवं आसावरा माता चौखले में यह प्रस्ताव आज से ही लागू होगा 👏👏

केलास तेली भींडर उदयपुर राजस्थान

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