आत्मरक्षा, संवैधानिक मूल्यों व सामाजिक दायित्वों के साथ नशामुक्त युवा निर्माण पर रहा विशेष जोर—उदयपुर (सरगुजा):एशिया की प्राचीनतम नाट्यशालाओं में शामिल विश्व विख्यात रामगढ़ पहाड़ क्षेत्र में सरगुजा स्वाभिमान मंच एवं गोंडवाना समग्र विकास क्रांति आंदोलन के संयुक्त तत्वावधान में “केराम कमांडो सरगुजा (KCS)” का तीन दिवसीय प्रशिक्षण शिविर 8 जनवरी से 10 जनवरी तक सफलतापूर्वक आयोजित किया गया।शिविर में प्रतिदिन सुबह 5 बजे से 10 बजे तक शारीरिक व्यायाम एवं कमांडो मार्शल आर्ट का गहन प्रशिक्षण दिया गया। इसके साथ ही पूरे दिन विभिन्न विशेषज्ञ प्रशिक्षकों द्वारा सांस्कृतिक, सामाजिक, शैक्षणिक, आर्थिक एवं राजनीतिक जन-जागरूकता से संबंधित सत्र आयोजित किए गए।इस प्रशिक्षण शिविर में छत्तीसगढ़ के गौरेला–पेंड्रा–मरवाही, सूरजपुर, प्रतापपुर, प्रेमनगर, श्रीनगर सहित विभिन्न क्षेत्रों से सैकड़ों प्रशिक्षणार्थियों ने भाग लिया।नशामुक्त युवा सृजन रहा प्रमुख उद्देश्यआयोजन का मुख्य उद्देश्य युवाओं को नशामुक्त, जागरूक और जिम्मेदार नागरिक के रूप में तैयार करना रहा। प्रशिक्षण के दौरान नशे से होने वाले आर्थिक, सामाजिक एवं शारीरिक दुष्प्रभावों की जानकारी दी गई तथा युवाओं को पारिवारिक एवं सामाजिक दायित्वों के निर्वहन का संकल्प दिलाया गया।प्रमुख वक्ताओं के विचारटीआरसी के डायरेक्टर एवं मुख्य प्रशिक्षक डॉ. नारवेन कासव टेकाम ने पारंपरिक कृषि को उद्योग के रूप में विकसित कर किसानों को सशक्त बनाने पर बल दिया। उन्होंने कहा कि आजादी के बाद किसानों की खेती योग्य भूमि लगातार कम होती जा रही है, जिससे भविष्य में खाद्य संकट और महंगाई बढ़ने की आशंका है। जल, जंगल और जमीन के अंधाधुंध दोहन से पर्यावरण को भारी नुकसान हो रहा है, जिसे रोकने में युवाओं की निर्णायक भूमिका होगी।गोंडवाना गणतंत्र पार्टी की राष्ट्रीय कोर कमेटी सदस्य सुश्री रितु पंदराम ने युवाओं से समय और परिस्थितियों के अनुरूप स्वयं को देश व समाज के लिए तैयार करने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि युवाशक्ति को शिक्षा, सामाजिक दायित्वों के साथ-साथ राष्ट्रीय धरोहरों और स्थानीय सांस्कृतिक परंपराओं के संरक्षण में भी सक्रिय भूमिका निभानी चाहिए।छत्तीसगढ़ एकता मंच के प्रमुख सूरज यादव ने कहा कि देश की ऐतिहासिक धरोहरें और सांस्कृतिक विरासत धीरे-धीरे समाप्त हो रही हैं।

बेरोजगारी से जूझ रहा युवा वर्ग नशे की गिरफ्त में है, जिससे उसका भविष्य अंधकारमय हो रहा है। ऐसे में युवाओं को शोषण और अत्याचार के विरुद्ध संघर्ष के लिए तैयार रहना होगा।प्रशिक्षण शिविर के संरक्षक एवं मास्टर ट्रेनर जयनाथ सिंह केराम ने कहा कि बेरोजगारी, महंगाई और बढ़ते अपराध समाज को खोखला कर रहे हैं। सत्ता, पूंजी और भ्रष्टाचार की त्रिगुटीय संधि से आम जनता प्रभावित हो रही है। उन्होंने युवाओं से जल-जंगल-जमीन और रामगढ़ पहाड़ जैसे ऐतिहासिक स्थलों की रक्षा के लिए संगठित आंदोलन की आवश्यकता पर जोर दिया।प्रशिक्षक एवं अतिथिगणशिविर में मास्टर ट्रेनर के रूप में शिवनाथ विश्वकर्मा (ब्लैक बेल्ट), जयसिंह मरकाम, राजेन्द्र सांडिल्य (ब्लैक बेल्ट), नवल वरकड़े, रामजीत आरमोर, कुमेश्वर पोया, संजय पोया, अधिवक्ता सहदेव सिंह श्याम, महिपत सिंह श्याम, विवेक उरेती, रामसिंह सांडिल्य, संतराम सिंह मरावी, पंचम पोर्ते, सुश्री उमा सिंह सरूता, प्रदीप मरकाम, सुश्री जया पेंड्रो, दीपन सिंह नेटी, विजय सिंह कोर्राम, रोहित टेकाम सहित अनेक सामाजिक, राजनीतिक एवं पत्रकार जगत के प्रतिनिधि उपस्थित रहे।सांस्कृतिक कार्यक्रम के साथ समापनप्रशिक्षण शिविर के अंतिम दिवस संध्या में सांस्कृतिक गतिविधियों का आयोजन किया गया। चिरमिरी (कोरिया) से आए संतोष सारथी एंड आर्केस्ट्रा पार्टी के साथ प्रशिक्षकों की टीम ने गायन प्रस्तुत कर शिविर को संगीतमय एवं यादगार बना दिया।

रिपोर्ट : अशफाक खान

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