विश्व हिंदू परिषद की प्रमुख इकाई दुर्गा वाहिनी के तत्वावधान में दुर्गाष्टमी का पावन पर्व अत्यंत हर्षोल्लास एवं श्रद्धा भाव के साथ मनाया गया। कार्यक्रम की शुरुआत मुख्य अतिथियों एवं पदाधिकारियों द्वारा माँ भगवती के चित्र के समक्ष दीप प्रज्वलित कर तथा सनातन परंपरा के अनुसार शस्त्र पूजन के साथ की गई।
कार्यक्रम का कुशल आयोजन एवं संचालन दुर्गा वाहिनी की प्रखंड संयोजिका सोनी जी के तत्वावधान में संपन्न हुआ। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में मातृशक्ति की जिला संयोजिका दीपा वार्ष्णेय जी की गरिमामयी उपस्थिति रही।
कार्यक्रम की मुख्य वक्ता दुर्गा वाहिनी की जिला संयोजिका प्रतीक्षा गुप्ता जी ने उपस्थित मातृशक्ति एवं बालिकाओं को संबोधित करते हुए दुर्गाष्टमी के पावन पर्व के आध्यात्मिक एवं सामाजिक महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने अपने ओजस्वी उद्बोधन में कहा कि दुर्गाष्टमी का पर्व केवल पूजन-अर्चन तक सीमित नहीं है, बल्कि यह नारी शक्ति के जागरण, आत्मरक्षा एवं स्वाभिमान का प्रतीक है। माँ दुर्गा का प्रत्येक स्वरूप हमें अन्याय, अधर्म और असत्य के विरुद्ध दृढ़ता से खड़े होने की सीख देता है। वर्तमान समय में महिलाओं को अपनी आंतरिक शक्ति को पहचानकर समाज और राष्ट्र निर्माण में अग्रणी भूमिका निभानी होगी। नारी केवल ममता की प्रतिमूर्ति ही नहीं, बल्कि आवश्यकता पड़ने पर अपने और समाज के रक्षण हेतु शक्ति का साक्षात स्वरूप भी है।
विशिष्ट अतिथि मातृशक्ति की जिला संयोजिका दीपा वार्ष्णेय जी ने भी विचार व्यक्त करते हुए संस्कारवान समाज के निर्माण में मातृशक्ति के योगदान को रेखांकित किया। कार्यक्रम के अंत में प्रखंड संयोजिका सोनी जी ने सभी कार्यकर्ताओं एवं उपस्थित जनों का आभार व्यक्त किया। माँ अम्बे की महाआरती और भारत माता के जयकारों के साथ कार्यक्रम का सफल समापन हुआ।




रिपोर्ट उमेश गुप्ता
लोकेशन संभल
