समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव के निर्देश पर चलाए जा रहे ‘लोकतंत्र बचाओ सप्ताह’ के तहत जिला मुख्यालय बहजोई में आयोजित जनसभा में सपा नेताओं ने चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली और मतदाता सूची में कथित गड़बड़ियों के खिलाफ जोरदार प्रदर्शन किया। सभा में मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को हटाने की मांग उठी।
सभा को संबोधित करते हुए चंदौसी विधानसभा की उपविजेता एवं सपा की वरिष्ठ नेत्री विमलेश कुमारी एडवोकेट ने चुनाव आयोग पर तीखा हमला बोला। उन्होंने आरोप लगाया कि 2014 के बाद से चुनाव आयोग पर भाजपा को सत्ता में बनाए रखने के लिए लोकतांत्रिक व्यवस्था से खिलवाड़ करने के गंभीर सवाल उठते रहे हैं। उन्होंने कहा कि अब एसआईआर के नाम पर करोड़ों लोगों को मताधिकार से वंचित करने की आशंका पैदा हो गई है।
विमलेश कुमारी ने कहा, “2022 के विधानसभा चुनाव के बाद राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव जी के निर्देश पर हमने अपनी विधानसभा से करीब 500 ऐसे लोगों के शपथ पत्र तैयार कराकर पार्टी मुख्यालय को सौंपे थे, जिनके नाम मतदाता सूची से कथित तौर पर हटा दिए गए थे।” उन्होंने दावा किया कि इनमें तीन दलित महिलाएं ऐसी थीं, जो जीवित थीं और अपने निवास पर रह रही थीं, लेकिन मतदाता सूची में उनके नाम के सामने ‘डिलीट’ अंकित कर दिया गया था।
उन्होंने कहा कि किसी भी मतदाता को बिना निर्धारित विधिक प्रक्रिया के मताधिकार से वंचित नहीं किया जा सकता। इसी मामले को लेकर मुख्य चुनाव आयुक्त, जिलाधिकारी, एसडीएम और बीएलओ समेत संबंधित अधिकारियों के विरुद्ध न्यायिक कार्रवाई की गई थी। विमलेश कुमारी ने कहा कि यह मामला अभी भी सुप्रीम कोर्ट में विचाराधीन है।
उन्होंने एसआईआर को लेकर भी सरकार और चुनाव आयोग पर निशाना साधते हुए कहा, “अब हद हो गई है। करोड़ों लोगों के वोट पर संकट खड़ा करने की कोशिश हो रही है। समाजवादी इसे चुपचाप नहीं देखेंगे। वोट की डकैती के खिलाफ सपा संसद से सड़क तक संघर्ष करेगी।”
विमलेश कुमारी ने कहा कि लोकतंत्र की रक्षा केवल राजनीतिक दलों की नहीं, बल्कि हर नागरिक की जिम्मेदारी है। “जब तक मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार अपने पद से इस्तीफा नहीं देते, तब तक हमारा संघर्ष जारी रहेगा। हमारा नारा साफ है—वोट बचाओ, देश बचाओ और लोकतंत्र बचाओ।”
सभा में जिलाध्यक्ष ने आरोप लगाया कि भाजपा चुनाव आयोग के साथ मिलकर वोटों में हेराफेरी कर लोकतंत्र को कमजोर करने का प्रयास कर रही है। उन्होंने कहा कि समाजवादी पार्टी इसे किसी भी कीमत पर स्वीकार नहीं करेगी।
पूर्व मंत्री एवं विधायक नवाब इकबाल महमूद ने कहा कि ज्ञानेश कुमार के मुख्य चुनाव आयुक्त बनने के बाद विपक्षी दलों के वोट काटे जाने और फर्जी वोट बढ़ाए जाने के आरोप लगातार सामने आ रहे हैं। उन्होंने इसे संविधान पर हमला बताया।
गुन्नौर विधायक राम खिलाड़ी यादव ने कहा कि उत्तर प्रदेश में समाजवादी पार्टी की बढ़ती ताकत से भाजपा घबरा गई है और इसी कारण चुनावी प्रक्रिया को प्रभावित करने की कोशिश की जा रही है।
असमोली विधायक पिंकी यादव ने कहा कि लोकतंत्र की रक्षा के लिए समाजवादी कार्यकर्ताओं को गांव-गांव जाकर जनता को जागरूक करना होगा। उन्होंने कहा कि ‘वोट बचाओ-देश बचाओ’ अभियान को जनआंदोलन बनाया जाएगा।
सभा में सपा नेताओं ने एक स्वर में कहा कि मतदाता सूची की पारदर्शिता, प्रत्येक नागरिक के मताधिकार और निष्पक्ष चुनाव की गारंटी सुनिश्चित किए बिना लोकतंत्र मजबूत नहीं हो सकता। कार्यक्रम में विमलेश कुमारी का संबोधन खास तौर पर चर्चा का केंद्र रहा, जिसमें उन्होंने अपने विधानसभा क्षेत्र में मतदाता सूची से नाम हटाए जाने के कथित मामलों का हवाला देते हुए चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली पर सीधे सवाल खड़े किए।





रिपोर्ट। उमेश गुप्ता
लोकेशन। संभल
