आगरा। उत्तर प्रदेश कौशल विकास मिशन के मिशन निदेशक पुलकित खरे ने आगरा मंडल (आगरा, मथुरा, मैनपुरी, फिरोजाबाद) के जिला समन्वयकों और MIS प्रबंधकों के साथ समीक्षा बैठक कर कौशल प्रशिक्षण की गुणवत्ता, पारदर्शिता और प्लेसमेंट पर सख्त निर्देश दिए। उन्होंने स्पष्ट कहा कि लक्ष्य केवल आंकड़े नहीं, बल्कि युवाओं को गुणवत्तापूर्ण प्रशिक्षण देकर रोजगार से जोड़ना है।
बजट में बड़ा इजाफा
‘प्रोजेक्ट प्रवीण’ का बजट 50 करोड़ से बढ़ाकर 500 करोड़ किया गया है। ट्रेड का चयन छात्रों की रुचि और स्थानीय जरूरत के आधार पर होगा, न कि ट्रेनिंग पार्टनर्स के दबाव में।
निरीक्षण अब अनिवार्य रूप से डिजिटल
1 अप्रैल से सभी निरीक्षण ‘कौशल दृष्टि’ पोर्टल पर फोटो और जियो-टैगिंग के साथ अपलोड करना अनिवार्य होगा। हर सप्ताह औचक निरीक्षण न करने पर कार्रवाई की चेतावनी दी गई।
SSDF, DDU-GKY और जीरो पॉवर्टी पर फोकस
11 मई तक सभी SSDF बैच शुरू करने के निर्देश दिए गए। दिव्यांगजन, महिलाएं और जीरो पॉवर्टी युवाओं के नामांकन को प्राथमिकता देते हुए लक्ष्य 0.1% से बढ़ाकर 3-5% तक करने का रखा गया है। वेरिफिकेशन प्रक्रिया 3 दिन में पूरी करना अनिवार्य किया गया।
फर्जी ट्रेनिंग पार्टनर्स पर सख्त कार्रवाई
प्रदेश में करीब 400 फर्जी/निष्क्रिय ट्रेनिंग पार्टनर्स को पहले ही हटाया जा चुका है। मानकों का पालन न करने वाले संस्थानों पर तत्काल कार्रवाई होगी और पास-आउट बैचों के लिए पहले से प्लेसमेंट प्लान तैयार करने के निर्देश दिए गए।
ग्राम स्तर तक पहुंचेगा अभियान
BDO और ग्राम प्रधानों के माध्यम से गांव-गांव तक पहुंच बनाकर जरूरतमंद युवाओं को प्रशिक्षण से जोड़ा जाएगा।

