खतौली – उत्तर प्रदेश में 2027 के विधानसभा चुनावों से पहले राजनीतिक हलचल तेज हो गई है। बसपा से सियासत की सीढ़ियां चढ़कर बुलंदियां छूने वाले पूर्व कैबिनेट मंत्री नसीमुद्दीन सिद्दीकी बीते कुछ दिनों पहले कांग्रेस छोड़कर अखिलेश यादव की मौजूदगी में समाजवादी पार्टी में शामिल हुए थे । उन्होंने अपने हजारों समर्थकों के साथ पार्टी की सदस्यता ली, जिसे सपा के पीडीए अभियान के लिए एक बड़ी मजबूती माना जा रहा है। समाजवादी पार्टी में शामिल होने के बाद शुक्रवार को पहली बार खतौली पहुंचे पूर्व कैबिनेट मंत्री नसीमुद्दीन सिद्दीकी का प्रदेश सचिव श्यामलाल बच्ची सैनी और पूर्व विधानसभा अध्यक्ष सत्यदेव शर्मा के नेतृत्व में सपा नेताओं और कार्यकर्ताओं ने फूल मालाओं से भव्य स्वागत किया और जोशीले नारों के साथ अभिनंदन किया।
समाजवादी पार्टी के नवनियुक्त नेता और प्रदेश के पूर्व मंत्री नसीमुद्दीन सिद्दीकी अपने खतौली आगमन पर सपा कार्यकर्ताओं से गर्मजोशी के साथ मिले। उन्होंने एक-एक कार्यकर्ता से संवाद करते हुए पार्टी की मजबूती पर जोर दिया और आगामी 2027 के विधानसभा चुनावों के लिए एकजुट होने का आह्वान किया। उन्होंने स्पष्ट किया कि समाजवादी पार्टी का प्रत्येक कार्यकर्ता पार्टी की रीढ़ है। अखिलेश यादव के नेतृत्व में पीडीए (पिछड़ा, दलित, अल्पसंख्यक) का एजेंडा उत्तर प्रदेश में नई राजनीतिक दिशा तय करेगा।
नसीमुद्दीन सिद्दीकी ने प्रदेश की वर्तमान स्थिति पर चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि आज यूपी के हालात बद से बदतर हो चुके हैं बेरोज़गारी, महंगाई से नौजवान और महिलाएं परेशान हैं कहीं भी रोजगार की कोई संभावना दिखाई नहीं दे रही है उन्होंने पूर्व की घटनाओं का हवाला देते हुए कहा कि उन्होंने अपने पूरे सियासी जीवन में ऐसी विकट परिस्थिति कभी नहीं देखी. उन्होंने कार्यकर्ताओं को जीत का मंत्र देते हुए 2027 में पांचवीं बार सपा की सरकार बनाने का आह्वान किया. पश्चिमी उत्तर प्रदेश को महत्वपूर्ण बताते हुए सिद्दीकी ने कहा कि उनका बचपन यहीं गुजरा है और उन्होंने अपनी पढ़ाई और नौकरी भी इसी क्षेत्र में की है उन्होंने स्पष्ट किया कि उनकी नजर केवल पश्चिमी यूपी पर ही नहीं, बल्कि पूरे उत्तर प्रदेश को मजबूत करने पर है। खाड़ी देशों में तनाव के कारण गैस की कीमतें बढ़ने की खबरों पर उन्होंने पूर्व केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी पर सीधा हमला बोला उन्होंने याद दिलाया कि जब पहले महंगाई बढ़ती थी तो स्मृति ईरानी सिलेंडर लेकर और हाथ में चूड़ियां लेकर सड़कों पर उतरती थीं. उन्होंने तंज कसा कि अब वे देखना चाहते हैं कि स्मृति ईरानी राजनीति में हैं भी या नहीं, और अगर हैं तो अब वे चुप क्यों हैं. सिद्दीकी ने कहा कि भाजपा के नेता अब महंगाई जैसे गंभीर मुद्दों पर पूरी तरह खामोश हो गए हैं। नसीमुद्दीन सिद्दीकी का कहना है कि वे किसी भी दल में रहे हों, लेकिन उनके दिल में हमेशा सपा के नेतृत्व के प्रति सम्मान रहा है एक वक्त वह भी था जब वे सपा के खिलाफ बयानबाजी करते थे, लेकिन अब वे पूरी तरह साइकिल पर सवार होकर अपनी सियासी जमीन मजबूत कर रहे हैं उनका स्पष्ट संदेश है कि उनका सियासी भविष्य और निष्ठा अब पूरी तरह अखिलेश यादव के साथ जुड़ी हुई है फिलहाल जनपद के इस दौरे ने कार्यकर्ताओं में नई ऊर्जा भरने का काम किया है।
राजनीतिक जानकारों का मानना है कि सिद्दीकी के सपा में आने से पश्चिमी उत्तर प्रदेश में मुस्लिम वोट बैंक और अधिक मजबूत होगा।
स्वागत कार्यक्रम में पूर्व नगर अध्यक्ष हाजी वसीम सिद्दीकी, इमरान सिद्दीकी, हाजी यूसुफ, बालमुकुंद ग्रेड, पंकज सैनी, गजेंद्र प्रधान, अभिषेक गोयल एडवोकेट, हाजी इकबाल, आस मोहम्मद सभासद, एतेशाम सभासद, सुनील सैनी, इरफान टेम्पो, अरशद मुल्तानी, शेखर गुर्जर, आफाक पठान, दानिश काज़ी एडवोकेट, शाहज़ेब एडवोकेट, समद मिर्ज़ा, दिलशाद मलिक घनश्याम प्रजापति आदि उपस्थित रहे।

रिपोर्ट.. पंडित जुगनू शर्मा
लोकेश.. खतौली

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