नैनीताल। सरोवर नगरी कुमाऊं विश्वविद्यालय नैनीताल के इनोवेशन एंड इनक्यूबेशन सेंटर ( KU-IIC) की ओर से डीएसबी परिसर, नैनीताल में विद्यार्थियों में स्थानीय शिल्पकलाओ को बढ़ावा देने और उन्हें आत्मनिर्भर बनाने तथा बाजार का क्रय विक्रय से रूबरू करवाने के लिए हस्तशिल्प मेले का आयोजन किया गया। मेले में प्रतिभाग करने के लिए 46 विद्यार्थियों में पंजीकरण करवाया था। जिसमें 13 स्टॉलो को लगाकर विद्यार्थियों ने अपने द्वारा बनाए गए हस्तनिर्मित उत्पादों की प्रदर्शनी लगाई। जिसका विद्यार्थियों के साथ साथ कॉलेज प्रशासन के शिक्षकों और कर्मचारियों ने जमकर लुफ्त उठाया। यहां बता दें कि कार्यक्रम का उद्देश्य स्थानीय कला, संस्कृति और पारंपरिक शिल्प को बढ़ावा देना तथा विद्यार्थियों को स्वरोजगार के प्रति प्रेरित करना रहा।

विद्यार्थियों ने मेले में ऊन से बने फूल, तहर तहर के गुड्डे गुड़िया, हाथ से बने आभूषण, लकड़ी के सजावटी सामान, मोमबत्तियां, पारंपरिक पहाड़ी उत्पाद और हस्तनिर्मित उपहार सामग्री आकर्षण का केंद्र रहे। विश्वविद्यालय के छात्र-छात्राओं और शिक्षकों ने उत्साहपूर्वक स्टॉलों का अवलोकन किया और स्थानीय उत्पादों की खरीदारी कर कारीगरों का उत्साहवर्धन किया।

कार्यक्रम का आयोजन डी एस बी परिसर नैनीताल में किया गया, जहां परिसर का माहौल रंग-बिरंगे स्टॉलों और सांस्कृतिक झलकियों से जीवंत नजर आया।

आयोजक प्रोफेसर आशीष तिवारी ने बताया कि इस तरह के आयोजनों से न केवल विद्यार्थियों में स्थानीय शिल्पकलाओ के प्रति रुचि बढ़ती है बल्कि युवाओं को भी पारंपरिक कला से जुड़ने के अवसर के साथ साथ अपने उत्पादों को बेचने के लिए बाजार उपलब्ध होता है, कहा कि भविष्य में भी इस प्रकार के मेले आयोजित किए जाएंगे, ताकि विद्यार्थियों को स्थानीय उत्पादों को बनाने के लिए प्रोत्साहन मिल सके और ‘वोकल फॉर लोकल’ की भावना को मजबूत किया जा सके। आयोजन के दौरान वनस्पति विज्ञान, पर्यावरण विज्ञान, गृह विज्ञान, अर्थशास्त्र, राजनीति विज्ञान, इतिहास, हिंदी, अंग्रेजी आदि विभागों को प्रध्यापक, कर्मचारी, शिक्षक और शोधार्थी मौजूद रहे।

रिपोर्ट। ललित जोशी
नैनीताल।

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