केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (सीआरपीएफ) की 7वीं बटालियन द्वारा सिविक एक्शन कार्यक्रम के अंतर्गत जिले के थाना लांजी क्षेत्र स्थित ग्राम धारमारा में जनकल्याणकारी गतिविधियों का आयोजन किया गया। कार्यक्रम के तहत गांव के 10 स्थानीय युवक-युवतियों को प्राथमिक उपचार का व्यावहारिक प्रशिक्षण प्रदान किया गया, जिससे वे आपातकालीन परिस्थितियों में ग्रामीणों की सहायता कर सकें।
यह प्रशिक्षण 16 जनवरी 2026 से 24 जनवरी 2026 तक कुल 9 दिनों तक चला। प्रशिक्षण के दौरान प्रतिभागियों को चोट लगने, रक्तस्राव, जलने, हड्डी टूटने, बेहोशी, सर्पदंश एवं अन्य सामान्य दुर्घटनाओं में प्राथमिक उपचार देने की विधियों की जानकारी दी गई। सभी प्रतिभागियों ने पूरे उत्साह और अनुशासन के साथ प्रशिक्षण में भाग लिया।
कार्यक्रम का आयोजन 7वीं बटालियन के कमांडेंट कपिंग गिल के मार्गदर्शन एवं नेतृत्व में किया गया। प्रशिक्षण पूर्ण होने के उपरांत 03 फरवरी 2026 को आयोजित समापन कार्यक्रम में सभी प्रशिक्षित युवक-युवतियों को प्राथमिक उपचार किट प्रदान की गई, ताकि वे अर्जित ज्ञान को व्यवहार में ला सकें।
इस अवसर पर सीआरपीएफ द्वारा आसपास के जरूरतमंद ग्रामीणों के लिए निःशुल्क चिकित्सकीय जांच शिविर का भी आयोजन किया गया, जिसमें ग्रामीणों का स्वास्थ्य परीक्षण कर उन्हें आवश्यक दवाइयों का वितरण किया गया। ग्रामीणों ने सीआरपीएफ की इस पहल की सराहना करते हुए इसे क्षेत्र के लिए अत्यंत उपयोगी बताया।
ग्रामीणों का कहना है कि इस प्रकार के प्रशिक्षण से गांव में आपात स्थिति के समय तत्काल सहायता उपलब्ध हो सकेगी तथा स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता भी बढ़ेगी। उन्होंने भविष्य में भी ऐसे जनहितकारी कार्यक्रम आयोजित किए जाने की मांग की।
कार्यक्रम के दौरान अजय पटेल (उप कमांडेंट), प्रदीप कुमार साहू (सहायक कमांडेंट), डॉ. सानिया अमित मलानी (वरिष्ठ चिकित्सा अधिकारी), डॉ. विवेक द्विवेदी (चिकित्सा अधिकारी) सहित सीआरपीएफ के अन्य अधिकारी एवं जवान उपस्थित रहे।





लांजी
