एक मासूम बच्चा ज़िंदगी और मौत की जंग लड़ रहा है, और उसके माता-पिता बेबसी से मदद की गुहार लगा रहे हैं।
राजनांदगांव जिले के मोहनपुर गांव का रहने वाला 7 वर्षीय प्रांजल कौशिक, आज अपनी उम्र से कहीं बड़ी लड़ाई लड़ रहा है।
डॉक्टरों की जांच में यह सामने आया है कि प्रांजल की दोनों किडनियां पूरी तरह फेल हो चुकी हैं।
फिलहाल बच्चे का इलाज डायलिसिस के सहारे किया जा रहा है, लेकिन डॉक्टरों का साफ कहना है कि
ज़िंदगी बचाने के लिए किडनी ट्रांसप्लांट अनिवार्य है।
इलाज का अनुमानित खर्च:
डॉक्टरों द्वारा बताया गया कुल खर्च लगभग 35 से 40 लाख रुपये है,
जो एक साधारण और मजदूरी-किसानी पर निर्भर परिवार के लिए जुटा पाना असंभव है।
बच्चे के माता-पिता ने बताया कि
“हम दिन-रात अपने बच्चे की जान बचाने की कोशिश कर रहे हैं,
लेकिन आर्थिक मजबूरी के आगे बेबस हो चुके हैं।”
हर बीतता दिन प्रांजल की हालत को और गंभीर बना रहा है।
अगर समय रहते इलाज नहीं मिला, तो उसके जीवन पर संकट गहरा सकता है।
अपील सेक्शन (स्पष्ट और प्रभावी):
इस गंभीर परिस्थिति में
➡ आम जनता
➡ सामाजिक संस्थाएं
➡ जनप्रतिनिधि
➡ माननीय सांसद एवं विधायक महोदय
➡ छत्तीसगढ़ शासन
सभी से मानवीय आधार पर सहयोग की अपील की जा रही है।
आपका छोटा-सा सहयोग
👉 किसी मासूम की ज़िंदगी बचा सकता है।
संपर्क व सहयोग विवरण (स्लो और क्लियर):
बच्चे के इलाज हेतु सहयोग के लिए संपर्क करें—
📞 मोबाइल नंबर: 8982403958
एक मासूम की सांसें आज हम सबकी मदद पर टिकी हैं।
अगर आप मदद नहीं कर सकते, तो इस खबर को अधिक से अधिक शेयर जरूर करें,
ताकि प्रांजल को ज़िंदगी मिल सके।










रिपोर्ट – एन के सिन्हा
