एकता में बल है
बंद हो मुठ्ठी तो लाख की
खूल गई तो ख़ाक की
मात्र किसी गाने की पंक्तियां नहीं है ये
मानों चाहें या मत मानो
संगठन से होती है शक्ति अपार
एक और एक दो नहीं ग्यारह
पूरा ही वतन हमारा है परिवार
खुशी दूनी और गम रहा जाएं आधे
संगठन के फायदे देखें है बेशुमार

भारतीय मानवाधिकार महासंघ
पंजाब प्रदेश प्रभारी
गुरबख्श सिंह सहोता

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