“लोरमी में फिर जला जैतखाम, दंगाई सोच बेनकाब

— सवालों के घेरे में शासन-प्रशासन”“जैतखाम पर हमला, सामाजिक सौहार्द पर वार

— आखिर कब जागेगा प्रशासन?”“आस्था जलती रही, फाइलों में दबता रहा मामला

— झझपुरी कला में दोहराया गया इतिहास”“सतनामी समाज की आस्था पर हमला, दोषियों को संरक्षण? प्रशासन की चुप्पी पर सवाल”“राजनीतिक क्षेत्र में दंगा भड़काने की कोशिश

— जैतखाम कांड से फैला तनाव”“उपमुख्यमंत्री के क्षेत्र में आस्था पर हमला, कार्रवाई नदारद

— क्या दब जाएगा जैतखाम कांड?”“बार-बार जलता जैतखाम, बार-बार मौन प्रशासन

— किसके इशारे पर हो रही साजिश?”“सामाजिक सौहार्द को आग के हवाले करने की साजिश, सतनामी समाज की चेतावनी”“जैतखाम जलाने वालों पर कब गिरेगी गाज? जनता पूछ रही है जवाब”जैतखाम जलाने की साजिश, सतनामी समाज में आक्रोश

— प्रशासन की चुप्पी पर उठे गंभीर सवालमुंगेली/लोरमी (छत्तीसगढ़)।- एक बार फिर असामाजिक तत्वों ने समाजिक सौहार्द को तार-तार करने की नापाक कोशिश की है।

मुंगेली जिला के लोरमी ब्लॉक अंतर्गत ग्राम पंचायत झझपुरी कला में सतनामी समाज की आस्था का प्रतीक जैतखाम को जलाकर माहौल बिगाड़ने का प्रयास किया गया। इस शर्मनाक घटना के बाद पूरे क्षेत्र में तनाव का माहौल है और सतनामी समाज के लोग आक्रोशित हैं।

स्थानीय लोगों का कहना है कि यह कोई पहली घटना नहीं है। इससे पूर्व भी इसी तरह खाम को जलाने की घटनाएं हो चुकी हैं, लेकिन हर बार प्रशासनिक स्तर पर केवल औपचारिकता निभाकर मामला ठंडे बस्ते में डाल दिया गया। परिणामस्वरूप असामाजिक तत्वों के हौसले बुलंद हैं और वे बार-बार ऐसी घटनाओं को अंजाम देकर सामाजिक दंगा भड़काने और सतनामी समाज को बिखेरने की साजिश कर रहे हैं।

प्रशासन मौन, आखिर क्यों?सबसे बड़ा सवाल यह है कि लगातार हो रही इन घटनाओं पर शासन-प्रशासन मौन क्यों है?यह पूरा मामला छत्तीसगढ़ शासन के उपमुख्यमंत्री अरुण साव और लोरमी विधायक के क्षेत्र से जुड़ा हुआ है।

इसके बावजूद दोषियों पर अब तक ठोस और सख्त कार्रवाई क्यों नहीं की गई?क्या प्रशासन दोषियों को बचाने का प्रयास कर रहा है, या फिर ऊंची राजनीतिक पहुंच के चलते मामले को दबाया जा रहा है?

ग्रामीणों और समाज के प्रबुद्धजनों का कहना है कि यदि समय रहते कठोर कदम नहीं उठाए गए, तो ऐसी घटनाएं भविष्य में बड़े सामाजिक टकराव का रूप ले सकती हैं, जिसकी पूरी जिम्मेदारी शासन और प्रशासन की होगी।सूचना पर पहुंचे अधिकारी, लेकिन कार्रवाई कब?

घटना की सूचना मिलते ही लोरमी पुलिस और तहसीलदार मौके पर पहुंचे और स्थिति का जायजा लिया। प्रशासन ने जांच का भरोसा तो दिलाया, लेकिन सवाल यह है किजांच कब तक चलेगी और कार्रवाई कब होगी?क्या यह भी अन्य मामलों की तरह फाइलों में दबकर रह जाएगा?

सतनामी समाज की चेतावनीसतनामी समाज के लोगों ने साफ शब्दों में कहा है कि यह उनकी आस्था और अस्मिता पर सीधा हमला है। यदि दोषियों को शीघ्र गिरफ्तार कर कड़ी सजा नहीं दी गई, तो समाज आंदोलन का रास्ता अपनाने को मजबूर होगा।

अब देखना यह है कि पुलिस और जिला प्रशासन अपने विवेक से निष्पक्ष कार्रवाई करता है, या फिर राजनीतिक दबाव में आकर इस गंभीर मामले को भी रफा-दफा कर दिया जाएगा।जनता की निगाहें टिकी हैं

— क्या दोषियों पर कार्रवाई होगी?

अगर होगी तो कब?

रिपोर्ट : उमेश दिवाकर

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *