रोशनी, खुशियों और उल्लास का पर्व दीपावली बचपन प्ले स्कूल, संभल में बड़े ही उत्साह, उमंग और धूमधाम के साथ मनाया गया। इस अवसर पर विद्यालय में बच्चों के लिए विभिन्न सांस्कृतिक, रचनात्मक एवं मनोरंजक गतिविधियों का आयोजन किया गया। पूरे विद्यालय परिसर को दीपावली की पारंपरिक सजावट, रंग-बिरंगी रोशनी और आकर्षक कलाकृतियों से सजाया गया, जिससे वातावरण पूरी तरह उत्सवमय हो गया।
कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य नन्हे-मुन्ने बच्चों को भारतीय संस्कृति, परंपराओं और त्योहारों के महत्व से परिचित कराना तथा उनमें रचनात्मकता, आपसी प्रेम, सहयोग और खुशियाँ बाँटने की भावना विकसित करना था।
बच्चों ने दिखाई अपनी रचनात्मक प्रतिभा
दीपावली उत्सव के अवसर पर बच्चों ने रंग-बिरंगे परिधानों में विद्यालय में उपस्थित होकर कार्यक्रम की शोभा बढ़ाई। बच्चों ने दीपावली से संबंधित सुंदर ग्रीटिंग कार्ड, रंगीन चित्र एवं विभिन्न सजावटी कलाकृतियाँ बनाकर अपनी रचनात्मक प्रतिभा का प्रदर्शन किया। शिक्षकों के मार्गदर्शन में बच्चों ने विभिन्न गतिविधियों में उत्साहपूर्वक भाग लिया।
विद्यालय परिसर में बच्चों की मुस्कान, उत्साह और उमंग ने पूरे माहौल को खुशनुमा बना दिया। शिक्षकों ने बच्चों को दीपावली के अवसर पर दीये जलाने, घरों को सजाने और परिवार के साथ खुशियाँ मनाने की परंपराओं के बारे में बताया।
भगवान श्रीराम की कथा से दिया नैतिकता का संदेश
कार्यक्रम के दौरान शिक्षकों ने भगवान श्रीराम के अयोध्या आगमन की कथा सुनाकर बच्चों को दीपावली के ऐतिहासिक एवं धार्मिक महत्व से परिचित कराया। बच्चों को बताया गया कि दीपावली बुराई पर अच्छाई और अंधकार पर प्रकाश की विजय का प्रतीक है।
कहानियों और रोचक उदाहरणों के माध्यम से बच्चों को सत्य, प्रेम, दया, सहयोग, बड़ों का सम्मान करने तथा जरूरतमंदों की सहायता करने जैसे महत्वपूर्ण जीवन मूल्यों की जानकारी दी गई।
इस अवसर पर विद्यालय की प्रधानाचार्या श्रीमती श्वेता सिंह ने कहा कि विद्यालय में मनाए जाने वाले ऐसे सांस्कृतिक कार्यक्रम बच्चों के सर्वांगीण विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
उन्होंने कहा, “हमारा प्रयास है कि बच्चों को किताबी शिक्षा के साथ-साथ भारतीय संस्कृति, संस्कारों और नैतिक मूल्यों की भी शिक्षा दी जाए। दीपावली जैसे त्योहार बच्चों को प्रेम, सद्भाव, एकता और दूसरों के साथ खुशियाँ बाँटने की प्रेरणा देते हैं। इस प्रकार की रचनात्मक गतिविधियाँ बच्चों के आत्मविश्वास, कल्पनाशीलता और सामाजिक कौशल को विकसित करती हैं।”
विद्यालय के प्रबंध निदेशक इंजीनियर अमित पवार ने दीपावली के अवसर पर सभी बच्चों, अभिभावकों एवं शिक्षकों को शुभकामनाएँ देते हुए कहा कि शिक्षा का उद्देश्य केवल किताबी ज्ञान देना नहीं, बल्कि बच्चों को अच्छे संस्कारों, सकारात्मक सोच और जिम्मेदार नागरिकता के लिए तैयार करना भी है।
उन्होंने कहा, “बचपन प्ले स्कूल का उद्देश्य बच्चों को एक ऐसा सुरक्षित, सकारात्मक और आनंदमय वातावरण प्रदान करना है, जहाँ वे खेल-खेल में सीखें और अपनी प्रतिभा को पहचान सकें। भारतीय त्योहार हमारी समृद्ध सांस्कृतिक विरासत का हिस्सा हैं। ऐसे आयोजनों के माध्यम से बच्चों को अपनी संस्कृति से जोड़ना और उनमें प्रेम, एकता, भाईचारे तथा पर्यावरण के प्रति जागरूकता विकसित करना हमारा प्रयास है।”
उन्होंने सभी से सुरक्षित एवं पर्यावरण के अनुकूल दीपावली मनाने और पटाखों से होने वाले प्रदूषण एवं शोर से बचने की अपील भी की।
संस्कार, शिक्षा और खुशियों का अनूठा संगम
बचपन प्ले स्कूल, संभल में आयोजित यह दीपावली महोत्सव बच्चों के लिए यादगार और आनंददायक अनुभव रहा। कार्यक्रम ने यह संदेश दिया कि त्योहार केवल उत्सव मनाने का माध्यम नहीं हैं, बल्कि बच्चों को अपनी संस्कृति, परंपराओं और जीवन के महत्वपूर्ण मूल्यों से जोड़ने का भी एक सुंदर अवसर हैं।
विद्यालय परिवार ने सभी बच्चों एवं अभिभावकों के उज्ज्वल भविष्य, सुख-समृद्धि और खुशहाली की कामना की।
बचपन प्ले स्कूल, संभल की ओर से सभी को दीपावली की हार्दिक शुभकामनाएँ!
आइए, दीपों के इस पावन पर्व पर ज्ञान, प्रेम, सद्भाव और खुशियों का प्रकाश हर घर तक पहुँचाएँ।
शुभ दीपावली!

रिपोर्ट उमेश गुप्ता

लोकेशन संभल

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