कानोड़ः विधिक जागरूकता से सशक्त हुए विद्यार्थी, विद्यालय में स्थापित हुई ‘कोर्ट वाली दीदी’ शिकायत पेटी कानोड़ (उदयपुर)। राजस्थान राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण (रालसा) और जिला विधिक सेवा प्राधिकरण (डीएलएसए), उदयपुर के तत्वावधान में संचालित ‘ट्रांसफॉर्मेटिव ट्यूजडे’ अभियान के तहत 10 अप्रेल 2026 शुक्रवार को कानोड़ में विधिक साक्षरता एवं संवेदीकरण कार्यक्रम संपन्न हुआ। स्थानीय चतुर राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय में आयोजित इस विशेष शिविर में वरिष्ठ सिविल न्यायाधीश एवं अतिरिक्त मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट, कानोड़ श्रीमती मनिता प्रकाश ने कक्षा 9 से 12 तक के विद्यार्थियों को कानून की बारीकियों से रूबरू करवाया।
‘कोर्ट वाली दीदी’ के पास पहुंचेगी बच्चों की बातः
कार्यक्रम के दौरान विद्यालय परिसर में ‘कोर्ट वाली दीदी’ नामक एक सीलबंद शिकायत पेटी स्थापित की गई। खास बात यह है कि इस पेटी को सीसीटीवी कैमरों की निगरानी से दूर रखा गया है. ताकि विद्यार्थी बिना किसी भय या दबाव के अपनी समस्याएं और शिकायतें लिखकर डाल सकें। इन शिकायतों का निस्तारण विधिक प्रक्रिया के अनुसार सीधे न्यायिक स्तर पर किया जाएगा।
इन कानूनों पर दी गई महत्वपूर्ण जानकारीः
न्यायिक अधिकारी श्रीमती मनिता प्रकाश ने अपने संबोधन में विद्यार्थियों को निम्नलिखित विषयों पर
विस्तार से जागरूक किया:
जे.जे. एक्ट एवं पॉक्सो (पोक्सो): बच्चों के कानूनी अधिकारों और सुरक्षा चक्र की जानकारी दी।
साइबर अपराधः स्टे सेफ ऑनलाइन अभियान के तहत इंटरनेट और सोशल मीडिया के दौर में बढ़ते खतरों और उनसे बचाव के तरीके बताए।
युवा सशक्तिकरणः एम्पावरिंग राजस्थान यूथ’ और रालसा व नालसा की विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं की जानकारी प्रदान की।
सप्ताह भर चलेगा जागरूकता का विशेष अभियान
जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के निर्देशानुसार, वैसे तो यह शिविर प्रत्येक माह के प्रथम एवं तृतीय
मंगलवार को जिले के सरकारी और निजी स्कूलों में आयोजित किए जाते हैं, लेकिन इस विशेष सप्ताह में जागरूकता के दायरे को बढ़ाने के लिए इसे प्रत्येक कार्य दिवस (वर्किंग डे) पर आयोजित किया जा रहा है।
इस अवसर पर विद्यालय का समस्त स्टाफ और बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे, जिन्होंने कानून और अपने अधिकारों के प्रति गहरी रुचि दिखाई।







रिपोर्ट केलास तेली भींडर उदयपुर राजस्थान
