₹1000 में महिला कर रही आंगनबाड़ी केंद्र का संचालन विशेष संरक्षित कोरवा जनजाति के गर्भवती महिलाओं और बच्चों को नहीं मिल रहा पोषण आहार सरगुजा जिले के लखनपुर में कई आंगनबाड़ी केंद्रों के कार्यकर्ता जिला या ब्लॉक मुख्यालय में निवास करते हैं। जिससे नियमित रूप से आंगनबाड़ी केंद्र का संचालन नहीं हो पा रहा है वहीं उसे क्षेत्र में निवास करने वाले गर्भवती महिला धात्री महिलाएं और बच्चों को पूरक पोषण आहार और रेडी टू इट का लाभ नहीं मिल पा रहा है। दरअसल कुछ ऐसा ही मामला विकासखंड के ग्राम रेंमहलां फोटो पर और राई भावना से सामने आया है।

ग्रामीणों का आरोप है कि आंगनबाड़ी केंद्र पुटूपारा में पदस्थ ज्योति लकड़ा जो जिला मुख्यालय अंबिकापुर में निवास करती हैं और उन्होंने आंगनबाड़ी केंद्र में काम करने के लिए गांव की ही महिला शांति खेस को₹1000 महीने में काम करने के लिए रखा गया है। आंगनबाड़ी केंद्र का संचालन शांतिकेश के द्वारा किया जाता है और आंगनवाड़ी कार्यकर्ता केंद्र से नदारत रहती हैं।

वही दूसरा मामला गांव के ही रही होना आंगनबाड़ी केंद्र का है जहां कार्यकर्ता पूजा यादव अपने मायके ग्राम बकमेर में निवास करती है। और नियमित रूप सिंह के द्वारा भी आंगनबाड़ी केंद्र नहीं खोला जाता है क्षेत्र में निवास करने वाले पहाड़ी कोरबा जनजाति के कुपोषित बच्चों गर्भवती महिलाओं को को पूरक पोषण आहार और रेडी टू इट का वितरण भी नहीं किया जाता है विगत दो दिनों से आंगनबाड़ी केंद्र बंद है।

जबकि केंद्र और राज्य सरकार के द्वारा विशेष संरक्षित जनजाति पहाड़ी कोरबाओं के लिए विभिन्न योजनाओं को चलाकर उन्हें संरक्षित किया जा रहा है परंतु आंगनबाड़ी केंद्र के बंद रहने और नियमित रूप से गर्म भोजन पूरक पोषण आहार अंडा नहीं मिलने से पहाड़ी कोरवा गर्भवती महिलाओं और धात्री महिलाओं और बच्चे कुपोषण के शिकार हो रहे हैं अब देखने वाली बात होगी कि विभाग के आला अधिकारी इस मामले को लेकर किस प्रकार की कार्रवाई करते हैं या फिर कार्रवाई के नाम पर नोटिस जारी कर खानापूर्ति कर दिया जाएगा।

राई भावना स्थित आंगनबाड़ी केंद्र में पहाड़ी कोरबा जनजाति के 6 माह के 3 वर्ष तक के दो गंभीर कुपोषित 3 वर्ष से 6 वर्ष तक के एक गंभीर कुपोषित बच्चा है जिन्हें नियमित रूप से पूरक पोषण आहार और रेडी टू इट और अंडा नहीं मिल पा रहा है।ग्रामीण महिला शांति खेस इस संबंध में आंगनबाड़ी केंद्र में काम करने वाली शांति खेत से बात करने पर उनके द्वारा बताया गया की आंगनवाड़ी कार्यकर्ता के द्वारा₹1000 महीने में उन्हें काम करने के लिए रखा गया है वह आंगनबाड़ी केंद्र की साफ सफाई बच्चों की देखरेख और भोजन बनाने का काम करती है और आंगनवाड़ी कार्यकर्ता अंबिकापुर में निवास करती हैं और वह प्रतिदिन आंगनबाड़ी केंद्र आती है।

5 फरवरी दिन गुरुवार को मीटिंग होने के कारण आंगनबाड़ी केंद्र नहीं आई थी और 6 फरवरी दिन शुक्रवार को आंगनबाड़ी केंद्र क्यों नहीं आई इसका पता नहीं उनसे मोबाइल से संपर्क नहीं हो पाया है।इस संबंध में सुपरवाइजर अनीता क्रश, आंगनवाड़ी कार्यकर्ता पूजा यादव, ज्योति लकड़ा से मोबाइल फोन के माध्यम से संपर्क करना चाहा इनका मोबाइल बंद होने के कारण इनसे संपर्क नहीं हो सका।जिला परियोजना अधिकारी जे आर प्रधान जिला परियोजना अधिकारी जू प्रधान से मोबाइल के माध्यम से संपर्क करना चाहा किन्हीं कारणों से उन्होंने फोन रिसीव नहीं किया।

लखनपुर परियोजना अधिकारी असीम शुक्ला इस संबंध में एकीकृत महिला बाल विकास परियोजना अधिकारी असीम शुक्ला से बात करने पर उनके द्वारा कहा गया कि मैं ध्यान देने के लिए अधिकृत नहीं हूं इसलिए मैं कुछ नहीं कर सकता इस पूरे मामले का जांच कराई जाएगी।

रिपोर्ट : अशफाक खान

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