दिशा सालियान एक्टर सुशांत सिंह राजपूत की मैनेजर थीं। उनकी 8 जून 2020 को मौत हो गई थी।

दिशा सालियान के पिता सतीश सालियान ने शिवसेना (UBT) नेता आदित्य ठाकरे और महाराष्ट्र के पूर्व गृह मंत्री NCP (SP) नेता अनिल देशमुख को 500 करोड़ रुपए का मानहानि नोटिस भेजा है।

बार एंड बेंच के मुताबिक, नोटिस में दोनों नेताओं से उनके बयानों को वापस लेने, सार्वजनिक रूप से माफी मांगने और 500 करोड़ का हर्जाना देने की मांग की गई है। दोनों को इसके लिए 7 दिन का समय दिया गया है।

आदित्य ठाकरे ने जांच में उनका नाम आने पर कहा था कि ये राजनीति से प्रेरित है। वहीं, अनिल देशमुख ने कहा था कि आदित्य को बदनाम किया जा रहा है। दिशा के पिता ने कहा कि इन बयानों से निष्पक्ष जांच की मांग को गलत तरीके से पेश किया गया।

28 साल की दिशा एक्टर सुशांत सिंह राजपूत की पूर्व मैनेजर थीं। उनकी 8 जून 2020 को मुंबई की एक बिल्डिंग से गिरने के कारण मौत हुई थी। दिशा की मौत के 6 दिन बाद 14 जून एक्टर सुशांत सिंह की भी मौत हो गई थी।

आदित्य ठाकरे और अनिल देशमुख के बयान

16 सितंबर: आदित्य ठाकरे बोले- मैं दिशा से कभी नहीं मिला

आदित्य ने कहा- मैं दिशा सालियान से कभी नहीं मिला। उनसे कोई जान-पहचान नहीं थी। करीब 6 साल से राजनीतिक और निजी कारणों से उनका नाम इस मामले से जोड़ा जा रहा है। यह बिना सबूत के अभियान चलाने जैसा है। जांच एजेंसियों को बिना राजनीतिक हस्तक्षेप के मामले की जांच करनी चाहिए।

23 मार्च 2025: अनिल देशमुख ने साजिश बताया

अनिल देशमुख ने दिशा सालियान मामले को आदित्य ठाकरे को बदनाम करने की साजिश बताया था।

14 सितंबर को मामले में FIR

CBI ने दिशा की मौत के मामले में 14 सितंबर को FIR दर्ज की। सतीश सालियान ने बेटी की मौत की दोबारा जांच और FIR दर्ज करने की मांग को लेकर बॉम्बे हाईकोर्ट में याचिका दायर की थी। उन्होंने कुछ लोगों की भूमिका की जांच की मांग भी की थी।

इसके बाद बॉम्बे हाईकोर्ट ने 2 सितंबर को CBI को मामले की नए सिरे से जांच के लिए FIR दर्ज करने का निर्देश दिया था। मुंबई पुलिस की शुरुआती दो जांच में उनकी मौत को आत्महत्या बताया गया था।

FIR में कई नाम, जांच जारी

CBI की FIR में आदित्य ठाकरे के अलावा डीनो मोरिया, सूरज पंचोली और रिया चक्रवर्ती समेत कई लोगों के नाम बताए गए हैं। पुलिसकर्मियों, मेडिकल स्टाफ और अन्य लोगों की भूमिका की भी जांच की जा रही है।

किसी FIR में नाम होना अपने आप में अपराध साबित नहीं करता। आरोपों की सच्चाई जांच पूरी होने के बाद ही तय होगी।

दिशा सालियान

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