पंजाब प्रदेश बढ़ती गंदगी को लेकर भारतीय मानवाधिकार महासंघ ने बड़ा मुद्दा उठाया है संगठन का कहना है कि प्लास्टिक थैलियां, पानी के प्लास्टिक ग्लास और बोतलें शहरों और गांवों में गंदगी का सबसे बड़ा कारण बन रही है
भारतीय मानवाधिकार महासंघ के पदाधिकारियों ने कहा कि सड़कों, नालियां और सार्वजनिक स्थानों पर फैला प्लास्टिक कचरा न केवल सफाई व्यवस्था को बिगाड़ रहा है बल्कि लोगों के स्वास्थ्य के लिए भी ख़तरा बनता जा रहा है नालियां जाम होने से गंधा पानी जमा होता है जिससे बीमारियों के फैलने का ख़तरा बढ़ रहा है
भारतीय मानवाधिकार महासंघ ने सरकार से मांग की है कि
1 , सिंगल यूज प्लास्टिक पर पूरी तरह से प्रतिबंध लगाया जाए
2 , बाजारों और सार्वजनिक स्थानों पर सख्त चेकिंग अभियान चलाया जाएं
3 , नियमों का उलंघन करने वाले पर कड़ी कार्रवाई की जाएं
संगठन ने यह भी कहा कि शहरों को स्वच्छ सुरक्षित सशक्त बनाने के लिए सरकार के साथ-साथ आम जनता की भागीदारी भी जरूरी है लोगों से अपील की गई है कि वे कपड़े या जूट के बैग का इस्तेमाल करें और प्लास्टिक का उपयोग कम करें
महासंघ के अनुसार यदि समय रहते इस दिशा में ठोस कदम नहीं उठाए गए तो आने वाले समय मे पर्यावरण और जनस्वास्थ्य पर इसका गंभीर प्रभाव पड़ेगा
संगठन के पदाधिकारियों ने कहा कि स्वच्छ पंजाब ही सुरक्षित और सशक्त पंजाब की पहचान बनेगा



